Hanuman Chalisa

मोटा होना चाहते हैं, तो यह 5 उपाय आपके लिए...

Webdunia
आयुर्वेद के अनुसार अधिक मोटे और अधिक दुबले व्यक्तियों को सामान्य और स्वस्थ नहीं माना जाता है। ज्यादा दुबले होने पर शरीर की कार्य प्रणाली सामान्य रूप से एक समान नहीं होती, जिसके फलस्वरूप दुबले व्यक्तियों को अनेक बीमारियों से ग्रस्त होने का भय बना रहता है।
 
दुबलेपन के कारण : अग्निमांद्य या जठराग्नि का मंद होना ही अतिकृशता का प्रमुख कारण है। अग्नि के मंद होने से व्यक्ति अल्प मात्रा में भोजन करता है, जिससे आहार रस या 'रस' धातु का निर्माण भी कम मात्रा में होता है। इस कारण आगे बनने वाले अन्य धातु (रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्रधातु) भी पोषणा की कमी से काफी कम मात्रा में रह जाते हैं, जिसके फलस्वरूप व्यक्ति निरंतर दुबला होता जाता है। इसके अतिरिक्त लंघन, अल्प मात्रा में भोजन तथा रूखे अन्नपान का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से भी शरीर की धातुओं का पोषण नहीं होता।

सामान्य रूप से दुबलेपन के अन्य कारण : 1. पाचन शक्ति में गड़बड़ी के कारण व्यक्ति अधिक दुबला हो सकता है। 2. मानसिक, भावनात्मक तनाव, चिंता की वजह से व्यक्ति दुबला हो सकता है।
3. यदि शरीर में हार्मोन्स असंतुलित हो जाए तो व्यक्ति दुबला हो सकता है। 4. चयापचयी क्रिया में गड़बड़ी हो जाने के कारण व्यक्ति दुबला हो सकता है। 5. बहुत अधिक या बहुत ही कम व्यायाम करने से भी व्यक्ति दुबला हो सकता है। 6. आंतों में टमवोर्म या अन्य प्रकार के कीड़े हो जाने के कारण भी व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो सकता है।

















7. मधुमेह, क्षय, अनिद्रा, जिगर, पुराने दस्त या कब्ज आदि रोग हो जाने के कारण व्यक्ति को दुबलेपन का रोग हो जाता है। 8. शरीर में खून की कमी हो जाने के कारण भी दुबलेपन का रोग हो सकता है। 9. आज की टी.वी. संस्कृति, उन्मुक्त यौनाचार, यौनजनित कुप्रवृत्तियां  तथा नशीले पदार्थों के सेवन से निरंतर धातुओं का क्षय होता है।

यूं करें दुबलेपन को दूर करने के लिए - मोटापे की तरह ही दुबलापन भी कई बार परेशानी का कारण बन जाता है। अक्सर ये समस्या उन लोगों के साथ होती है, जिन्हें भूख नहीं लगती है। भूख कम लगने के कारण भोजन करने की क्षमता भी कम हो जाती है। इससे शरीर की धातुओं का पोषण नहीं होता। ऐसे में शरीर दुबलेपन का शिकार हो जाता है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे आसान तरीके जिनसे दुबलापन दूर होता है….

1 सोते समय एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच शुद्ध घी डालकर पिएं। इसी के साथ एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण भी डाल लें तो बहुत जल्दी फायदा होगा।
2 लवणभास्कर चूर्ण, हिंग्वाष्टक चूर्ण, अग्निकुमार रस, आनंदभैरव रस, लोकनाथ रस, संजीवनी वटी, कुमारी आसव, द्राक्षासव, लोहासव, भृंगराजासन, द्राक्षारिष्ट, अश्वगंधारिष्ट, सप्तामृत लौह, नवायस मंडूर, आरोग्यवर्धिनी वटी, च्यवनप्राश, मसूली पाक, बादाम पाक, अश्वगंधा पाक, शतावरी पाक, लौहभस्म, शंखभस्म, स्वर्णभस्म आदि का प्रयोग किसी वैद्य के मार्गदर्शन में करें। दुबलेपन से बहुत जल्दी छुटकारा मिल जाएगा।
3  दुबलेपन के रोगी को जठराग्नि का ध्यान रखते हुए दूध, घी आदि का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। दुबलेपन से पीडि़त व्यक्ति को चिंता, मैथुन और व्यायाम को पूरी तरह त्याग देना चाहिए।
4  भरपूर नींद लेनी चाहिए। गेहूं, जौ की चपाती, मूंग या अरहर की दाल, पालक, पपीता, लौकी, मेथी, बथुआ, परवल, पत्तागोभी, फूल गोभी का सेवन अधिक करना चाहिए।
5 रोजाना सेब, अनार, मौसम्बी आदि फलों के रस के अलावा सूखे मेवों में अंजीर, अखरोट, बादाम, पिस्ता, काजू, किशमिश आदि का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सनातन परंपरा का यह एक नियम, जिसे अब मान रही है मॉडर्न साइंस; रोज सुबह करने से बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय

सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'

Lucky Plants: घर की बालकनी में लगाएं ये 5 पौधे, खुल जाएंगे तरक्की के बंद दरवाजे

Yoga Day Essay: योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष निबंध

Kids Shorts: इस तरह सीखा हनुमानजी ने आकाश में उड़ना

अमर स्वाभिमान का प्रतीक हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष

Maharana Pratap: महाराणा प्रताप के जन्म के 5 रोचक किस्से

अगला लेख