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Republic Day essay: 26 जनवरी पर निबंध

WD Feature Desk
शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 (11:18 IST)
Essay on Republic Day: प्रस्तावना : 26 जनवरी को हम सभी भारतवासी गणतंत्र दिवस मनाते हैं और य‍ह दिन भारत एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाता है। 26 जनवरी 1950 के दिन भारत के संविधान का निर्माण किया गया था और इसके निर्माता बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर थे। भारत को स्वतंत्रता तो 15 अगस्त 1947 में मिल गई थी, लेकिन हमारा देश पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 को गणराज्य बना था। अत: प्रत्येक देशवासी पूरे उत्साह और जोश तथा सम्मान के साथ यद दिवस मनाता है। इस बार हम 76वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।ALSO READ: Republic Day Parade 2025: गणतंत्र दिवस की परेड में शौर्य प्रदर्शन के लिए कौन-कौन होते हैं शामिल?
 
26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस यह भारत का राष्ट्रीय पर्व होने के कारण इसे पूरे भारतभर में यानि हर गांव, हर कस्बे, शहर तथा राज्यों में रहने वाले हर धर्म, संप्रदाय और जाति के लोग मनाते हैं। इसी दिन डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान के प्रारूप को सदन में रखा गया। जो संविधान दो वर्ष ग्यारह महीने और अठराह दिन में बनकर तैयार हुआ। और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही इंतजार की घड़ी खत्म हुई, क्योंकि इसी दिन से भारत में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों का शासन आरंभ हुआ और संसद ने अपना कार्य शुरू किया था।ALSO READ: 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर जानिए संविधान की 10 खास बातें, हर नागरिक को होना चाहिए पता
 
भारतीय गणतंत्र का इतिहास : बता दें कि 26 जनवरी सन् 1950 को हमारे देश को पूर्ण स्वायत्त गणराज्य घोषित किया गया था। तथा इस दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को भारत का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है यह दिन राष्ट्रीयता से जुड़ा दिन होने के कारण देश का हर नागरिक इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाता है। 
 
कैसे मनाते हैं गणतंत्र दिवस : भारत की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर यानि 26 जनवरी के दिन के विशेष आयोजन होते हैं। इस दिन शहीद ज्योति का अभिनंदन, परेड तथा सैनिकों की शक्ति और पराक्रम को दर्शाते हुए भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद, राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
 
इस दिन सभी सरकारी एवं शिक्षण संस्थानों में ध्वजारोहण, झंडा वंदन के पश्चात राष्ट्रगान जन-गन-मन का गायन किया जाता है और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। चारों ओर वंदे मातरम, जय हिन्द, भारत माता की जय आदि उद्घोष का स्वर सुनाई पड़ता है और पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो जाता है। तथा स्वतंत्र भारत में रह रहा हर नागरिक किसी विशेष धर्म, जाति या संप्रदाय से न जुड़कर स्वतंत्रता से रहने की अपनी खुशी को उजागर करते हुए देशभक्ति पर बने गीत दोहराता है और खुशी तथा उत्साहपूर्वक यह दिन सेलिब्रेट करता है। 

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