Hindi Poems 107
Select Your Language
हिन्दी
Hindi
English
English
தமிழ்
Tamil
मराठी
Marathi
తెలుగు
Telugu
മലയാളം
Malayalam
ಕನ್ನಡ
Kannada
ગુજરાતી
Gujarati
Notifications
Install App
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
राशिफल 2026
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
अलविदा 2025
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
राशिफल 2026
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
अलविदा 2025
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
धर्म संग्रह
इंदौर
मध्यप्रदेश
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
काव्य-संसार
महकते गुलाब-रिश्ते पर
Advertiesment
बस, एक शब्द तुम्हारा
जाकर तूफानों से कह दो
तुमसे मिले बीते बरस कई
सिर्फ एक बार करना याद
उसे दुआ देनी पड़ती है
दिल ने चाहा बहुत पर मिला कुछ नहीं
दिवाली आई है
आओ दीप जलाकर खुशियाँ मना लें
बढ़ी जो धूप सफर में तो...
गुरुवार, 28 अक्टूबर 2010
चमन को फूल घटाओं को इक नदी मिलती हमें भी काश कभी अपनी ज़िंदगी मिलती जिधर भी देखिए दामन हैं तरबतर सबक...
दर्द पुराना भूल गए
गुरुवार, 28 अक्टूबर 2010
नई सदी के रंग में ढलकर हम याराना भूल गए सबने ढूँढे अपने रस्ते साथ निभाना भूल गए। शाम ढले इक रोशन चेह...
बाकी सब ठीक ही है...।
मैं कहाँ छुप जाऊँ...
चन्द्रमा की कोमल विनती
मिलन की प्रतीक्षा में चाँद
अमृत रस बरसाए चंदा
चाँद चला चुपचाप गगन में
प्यार में फासला नहीं चलता
जब तलक रतजगा नहीं चलता इश्क़ क्या है पता नहीं चलता और दिल के क़रीब आ जाओ प्यार में फ़ासला नहीं चलता कोई...
मैं चाँद देखा करती हूँ
केसरिया चाँदनी में
Open App
X
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels