Hanuman Chalisa

अटल बिहारी वाजपेयी पर कविता : एक अटल निर्णय

संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
मौत को देखा है सिसकते हुए,
देखा है वटवृक्ष को निढाल होते हुए।
 
जिसकी छत्रछाया में पनपे सभी,
उनके लिए आंसू बह निकले।
 
एक-एक आंसू है उनकी यादों के, 
वो उनकी हर बातों को कह निकले।
 
कुछ तो बात होगी शख्स में,
हर उम्मीद पर वो खरा उतरा।
 
जब-जब परखा सबने,
साहित्य के जौहरी का न रहना।
 
परख की बेबसी अब सबके सामने,
खड़ी है पोखरण की तरह।
 
चाहत है वैसे रूप की,
ऊपर वाला क्या बना सकेगा।
 
वैसा ही स्वरूप जो निर्णय ले सके,
दुनिया को हिलाने का।
 
समझ सके हर एक की बातें,
शायद एक स्वप्न था भारत का।
 
मृत्यु भी तो अटल सत्य है,
मगर आत्मा अजर-अमर।
 
वो है देश के आसपास,
जब कभी पोखरण पर आएगा संकट।
 
हमारा विश्वास सदा अटल रहेगा,
देश सुरक्षित हम सुरक्षित।
 
इसे समझ सकते,
एक अटल निर्णय के रूप में।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

इन 10 तरह के लोगों से कभी उम्मीद न रखें, वरना जीवन में मिलेगा सिर्फ दुख

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सभी देखें

नवीनतम

रुकें, सोचें फिर करें हाथी की सवारी

जयंती विशेष: छत्रपति शिवाजी: धर्म, संस्कृति और राजनीति के अद्वितीय साम्राज्य निर्माता Chhatrapati Shivaji Maharaj

भारतीयता के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार है परिवार

अम्मा की अंतिम विदाई, मौत से पहला साक्षात्कार

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

अगला लेख