Hanuman Chalisa

अटाला

ज्योति जैन
गुरुवार, 9 नवंबर 2023 (18:55 IST)
लेखिका ज्योति जैन लघुकथा और कविताएं लिखती हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के हर माध्यम में उनकी सरस प्रस्तुतियां आती रही हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन के अनेक साहित्य और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में वे यशस्वी योगदान देती रही हैं। अब तक उनकी दर्जनभर किताबों का प्रकाशन हो चुका है और कई पुरस्कार भी उन्हें प्रदान किए जा चुके हैं। पढ़िये अटाला शीर्षक से उनकी ताजा कविता।
 
पुरानी मान्यताओं व परम्पराओं  पर चलना शायद नारी को सुहाता है.....
माँ और सासुमाँ की तरह वो भी दीवाली की सालाना सफाई  मे जुट जाती है....
अटाला निकालने.....,
जिसमें खज़ाने की तरह कई
चीज़ें  मिल जाती है...।
कभी माँ के हाथ का क्रोशिये का थालपोश....
कभी अपनी युवावस्था  के कुछ कपड़े.....
गर्भावस्था का पहला चूड़ा... ..
बेटियों के नन्हें कपड़े, स्वेटर..., 
हाथ के काले मनक्ये,.. छोटी गोदड़ी... नन्ही पाजेब... ।
और कभी आए- गए लिफाफे....
जो अलमारी मे बिछे कागज के नीचे छुपे मिल जाते हैं.....
और हाँ...! पीले पड़ चुके पन्नों वाले खत भी तो...!
और इन पुरानी चीज़ों मे, पुरानी यादों की खुशबू...किसी खजाने से कम नही होती... ।
सफाई के बदले ये खजाना...!
घाटे का सौदा नहीं... ,
क्या कहते हैं...?
 
- ज्योति जैन

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया

घर संभालने वाली महिलाओं को 30 हजार; पर 'हाउस हसबैंड्स' का क्या?

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

हिंदी साहित्य में पहेली के रूप में लिखी जाने वाली एक लयात्मक कविता: कह मुकरियां

सभी देखें

नवीनतम

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Guru Hargobind Jayanti 2026: गुरु हरगोविंद सिंह जयंती: जानें उनके बताए सिद्धांत, जो आज भी हैं प्रासंगिक

राम मंदिर: सात्विकता, सुशासन और सनातन की अग्निपरीक्षा

Sant Kabir: अनपढ़ थे कबीर, फिर कैसे डिगा दी बड़े-बड़े पंडितों की गद्दी? सिकंदर लोदी भी टेक चुका था घुटने!

बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को

अगला लेख