Festival Posters

मार्मिक हिन्दी कविता : बिदाई

पुष्पा परजिया
सपन संजोए सुख के तेरे, बिदाई की बेला आई है 
एक नन्ही-सी कली फिर से, दो आंगन में छाई है 
 
महके गजरा, खनके कंगना, सुर्ख जोड़े से सजाई है 
लाडो रानी तेरी बिदाई की, प्यारी सी बेला आई है 

















घर में तुझको, क्यूंकि ईश्वर ने ये माया रचाई है 
जाना पड़े ससुराल हर बेटी को, पापा ने जीवन की रीत निभाई है 
 
सूना पड़ जाए बाबुल का घर और मन, 
पर बेटी, यही किस्मत की दुहाई है, 
 
मांगू रब से तेरी खुशियां, सह के तेरे जाने का गम 
बाद बिदाइ के जब मैं, देखूं अपना घर आंगन
सुनी पड़ी शहनाइ है...  
 
बिलख रहा मानो, घर का कोना-कोना 
तेरी हर चीज देख, अंखियन जलधार बह आइ है 
 
असहय लगे तेरी बिदाई, तड़पे मन और मुझसे पुछे  
आखिर तुने काहे को, ये रीत निभाई है 
भाए न मन को तो भी कैसे, ये बिदाई कि बेला आई है
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

ठंड में रोज यदि 10 बादाम खाएं तो क्या होता है?

Winter Health: सर्दियों में रहना है हेल्दी तो अपने खाने में शामिल करें ये 17 चीजें और पाएं अनेक सेहत फायदे

जानिए ठंडी हवाओं और रूखे मौसम का बालों पर कैसा असर पड़ता है? सर्दियों में लंबे बालों की देखभाल क्यों है जरूरी?

Kala Jeera: कैसे करें शाही जीरा का सेवन, जानें काले जीरे के 6 फायदे और 5 नुकसान

सभी देखें

नवीनतम

गंदा पानी कैसे साफ करें, जानिए 7 तरीके

दूषित पानी पीने से होती हैं ये 11 तरह की गंभीर बीमारियां, बचकर रहें

न्यायाधीश स्वामीनाथन पर महाभियोग की कोशिश भयभीत करने वाली

Indore Contaminated Water Case: इन मौतों के पहले तो इंदौर प्रशासन जनता पर फूल बरसा रहा था

इस रजाई के आगे बड़े ब्रांड के हीटर भी हैं फेल, जानिए कौन सी है ये जादुई रजाई

अगला लेख