- ठाकुर दास सिद्ध दिन दहाड़े लूट, रातों का न आलम पूछिए। पूछिए तो आईने से, कौन हैं हम पूछिए।। वास अपने पास ही, शैतान का है दोस्तों। खौफ खाती इन हवाओं से न मौसम पूछिए।। सिर्फ इतना पूछिए वो आम है या खास है। पूछिए उस शख्स से...