Biodata Maker

कविता : क्या रोक पाओगी

Webdunia
अशोक बाबू माहौर 
चढ़ती धूप को 
कैसे रोकोगी?
क्या खड़े कर पाओगी ?
दीवालें इतनी 
महल अनेकों 
या बांध पाओगी चारों तरफ 
पल्लियां। 
 
क्या अंधेरे में ?
घुटन न होगी तुम्हें 
सच कहूं 
भानु बिना जिंदगी क्या?
संपूर्ण भू 
जीवनचर्या अनाथ सी 
अकेला महसूस करेगी 
उदास हो 
कोसेगी खुद को 
चांद भी 
साथ न देगा
न देगी साथ 
जगमगाती बिजलियां।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

अमीर लोगों की 8 आदतें जो बदल देंगी आपका जीवन | Money Mindset

ऐसा रखें घर का वास्तु, जानें 5 टिप्स, मिलेंगे बेहतरीन लाभ

लोकमाता अहिल्या: तीन युगों की महानता का संगम

परीक्षा, तनाव और विद्यार्थी : दबाव के बीच संतुलन की राह

क्या डायबिटीज रोगी कीवी खा सकते हैं?, जानें 4 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

Hair loss: बालों का झड़ना: कारण, डाइट चार्ट और असरदार घरेलू नुस्खे

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, भारत के स्कूलों में अब छात्राओं को देना होगी ये सुविधाएं, जाने गाइडलाइंस

Guru Ravidas Jayanti: गुरु रविदास जी के बारे में 10 अनसुनी बातें

गुरु हर राय जयंती, जानें महान सिख धर्मगुरु के बारे में 5 खास बातें

अगला लेख