Hanuman Chalisa

नई कविता - खता हुई ही होगी मुझसे

देवेन्द्र सोनी
अट्ठावन में आते-आते 
लगने लगा है
समा गए हैं मुझमें 
बाबूजी मेरे। 
 
हो गई है वही चाल-ढाल
झुक गए हैं कंधे और
स्वभाव में आने लगी है नरमी
हां, संतोष और असंतोष के बीच
बना रहता है द्वंद्व जरूर
उपजा है जो मानसिक थकान
और बेवजह की निराशा से।
 
करता हूं महसूस खुद में उनको
जब आती है खांसी या 
घेरने लगती है तकलीफें वही
जो सहते थे वे अक्सर 
और जिन्हें बताने से कतराते थे
उम्र के अंतिम पड़ाव पर ।
खता हुई ही होगी 
निश्चित ही मुझसे भी 
बरतने की कोताही
किया ही होगा मैंने भी 
जाने अनजाने नजरअंदाज उन्हें।
 
लगता है अब यह सब हरदम ही
क्योंकि होते हैं वे महसूस मुझे
मेरे अंदर ही।
 
उम्र का यह अंतिम पड़ाव
सिखाता और याद दिलाता है
बहुत कुछ स्मृति से उनकी।
 
होती ही है सबसे जिंदगी में
खता भी और रह ही जाती है
कोई न कोई कसर भी सेवा में।
 
करें याद इन्हें और
दें वह शिक्षा बच्चों को अपने
जिससे न हो कोई गलती
देख रेख में बुजुर्गों की।
 
मिलेगा इसी से वह आत्म सुख
जिसकी दरकार है सबको।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सनातन परंपरा का यह एक नियम, जिसे अब मान रही है मॉडर्न साइंस; रोज सुबह करने से बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

पैरों की पिंडलियों को सुडौल और पतला करने हेतु आजमाएं ये 6 असरदार उपाय

सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'

सभी देखें

नवीनतम

विकास और विरासत: मोदी युग में नए भारत का नव-उदय

क्या गर्मियों में आपकी त्वचा सांवली हो गई है? रात को सोने से पहले 'यह' घरेलू पेस्ट लगाएं

Chhatrapati Shivaji Maharaj: 6 जून: श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस पर विशेष

World Environment Day 2026: विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास और थीम, जानें कौन कर रहा है मेजबानी?

World Environment Day Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाली का संदेश: शुभकामनाएं, विचार और प्रेरक पंक्तियां

अगला लेख