Hanuman Chalisa

कविता : नंगी जिंदा लाशें

जयति जैन 'नूतन'
था भूख का शिकार वो,
कुपोषण का शिकार बता रहे थे।
आते-जाते सभी उसकी,
हालत पर शोक जता रहे थे।
 
मैंने कहा...
'भूख और कुपोषण तो संबंधी हैं,
यहां दोनों साथ-साथ बढ़ रहे थे।'
पेट खाली था पर,
हड्डियों के आकार दिख रहे थे।
 
लोगों की नजरों में,
मरियल कीड़े घिसट रहे थे।
चीख-चीखकर सांचे,
भूख की भाषा बोल रहे थे।
 
चलने-फिरने से लाचार,
गरीबी के राज खोल रहे थे।
चार दिन पहले खाई रोटी,
दो जून आटे को तरस रहे थे।
 
नंगी जिंदा लाशें पड़ी,
और मां-बाप बिलख रहे थे।
सभी देखते जाते 'नूतन',
शाने-हिन्द भूख से मर रहे थे।
 
-लेखिका जयति जैन 'नूतन'
युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच

सभी देखें

नवीनतम

Rajiv Gandhi: 21 मई: राजीव गांधी पुण्यतिथि पर जानें उनका जीवन और 4 प्रमुख योगदान

Cashew health effects: प्रतिदिन 5 काजू खाने से क्या होगा सेहत पर असर

लौट आई बहार भोजशाला में, मंदिर था, मंदिर रहेगा

भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने के 5 तरीके, जानिए लक्षण और प्रभाव

शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग 'थाइमस', जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, यह क्यों खास है हमारी सेहत के लिए

अगला लेख