rashifal-2026

नई कविता - उम्मीद

देवेन्द्र सोनी
कई सालों से देख रहा हूं 
मंदिर के बाहर 
एक कोने में बैठी 
अस्सी के आसपास होती उम्र की
उस वृद्धा को ।
 
जिसे होती है उम्मीद कि
आने-जाने वाले भक्तों से
इतना तो मिल ही जाएगा उसे
जिससे निकल जाएगी रात
आधा-दूधा खाकर परिवार की।
 
इसी उम्मीद में सह जाती है वह
बदन को थरथराती ठंड
ग्रीष्म की तपन और
बरसात का पानी भी ।
 
पाया है मैंने हमेशा ही 
उसके झुर्रीदार पोपले चेहरे पर
गजब का आत्मसंतोष।
 
देखकर उसे सोचता हूं अक्सर ही
क्यों नहीं है सब कुछ पाकर भी 
वह प्रेममयी मुस्कान और
आत्म संतोष चेहरे पर हमारे ।
 
मांगती वह भी है और 
मांगते हम भी हैं मंदिर जाकर ।
 
नहीं मिलता है उसे भी और हमें भी
रोज उम्मीद के मुताबिक 
पर फिर भी रहती है वह संतुष्ट 
और हम असंतुष्ट, क्यों ...?

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

Hair loss: बालों का झड़ना: कारण, डाइट चार्ट और असरदार घरेलू नुस्खे

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

Health tips: स्वस्थ जीवन के लिए 10 सरल और असरदार उपाय

Work From Home: घर में इस दिशा में बैठकर करेंगे काम, तो करियर में मिलेगी दोगुनी तरक्की

सभी देखें

नवीनतम

Hug Day 2026: गले लगाने का सही तरीका और ये बड़ी गलतियां न करें

वेलेंटाइन डे पर प्रेरक प्रेम कविता: प्रेम का संकल्प

चुनौतियों का जवाब देने वाला बजट

Rose Day 2026: इस दिन क्या करें और किन गलतियों से बचें

Promise Day 2026: वादे कैसे करें और किन बातों से बचना जरूरी है

अगला लेख