khatu shyam baba

यों ही लुटता रहेगा देश यह...

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
हम तो पूर्ण लगन, उत्साह, समर्पण से 
विकास का परचम लहराएंगे। 
पर ये माल्या-नीरव देश को 
नीचे से कुतर कर खा जाएंगे।।
 
फिर जब तक हम सख्त कार्यवाही के 
उहापोह में पड़े होंगे। 
ये कानूनी दरारों से निकल, 
कहीं दूर जा खड़े होंगे।।
 
हम खीझेंगे, परेशान होंगे 
मन मसोसते रह जाएंगे। 
पर इस शिथिल कानूनी व्यवस्था में 
इनका कुछ भी न बिगाड़ पाएंगे।।
 
सुनी है हमने अंडरवर्ल्ड के कारनामों की 
सनसनीखेज कहानियां। 
पर देश को क्या इतना झकझोर पाईं
उनकी काली कारगुजारियां।।
 
ये तो सूरज के उजाले में कार्यरत 
निर्लज्ज/ निर्भीक सफेदपोश लुटेरे हैं। 
जिनके आलीशान मल्टियों में 
या गार्डेड बंगलों में डेरे हैं।।
 
कितने बेशर्म, बेधड़क, ढीठ, निडर 
हैं इनके ये कारनामे। 
जाने प्रशासन व राजनीति में कितने 
काले हाथ हैं इनकी जूतियां थामे।।
 
हमारी तो नियति है बेबस देखते रहना,
और अकेले में रो लेना। 
बहानों, समझाइशों को अवाक सुनते रहना,
और, अगले किसी हादसे के लिए 
फिर से तैयार हो लेना।।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

National Science Day: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

PM मोदी के इजरायल दौरे में भारत की रक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत , भारत को हथियार नहीं, तकनीक चाहिए

Chandra Shekhar Azad: आजाद शहीद दिवस, जानें महान क्रांतिकारी के बारे में 10 अनसुने तथ्य

नास्तिकता बस एक मिथ्या भाव है

अगला लेख