Hanuman Chalisa

सिंहस्थ पर हिन्दी कविता : आस्थाओं का अमर प्रवाह है सिंहस्थ

Webdunia
डॉ.रामकृष्ण सिंगी 
 
युगीन परंपरा का स्वर्णिम निर्वाह है सिंहस्थ। 
मतमतांतरों का संगम, आस्थाओं का अमर प्रवाह है सिंहस्थ।।
संतत्व की निराली परिभाषा, वैभव का प्रदर्शन बेपनाह है सिंहस्थ। 
सनातनधर्मी साधना की अपनी अनोखी राह है सिंहस्थ ।।1।।
आस्थावान श्रद्धालुओं का अनुपम मेला है सिंहस्थ। 
क्षिप्रा में नर्मदा की तरंग-सा फैला है सिंहस्थ।।
खर्चीले सरकारी विभागों ने उत्साह से झेला है सिंहस्थ। 
वेतन/भत्ते वाले कर्मिकों के लिए बड़ी झंझट/झमेला है सिंहस्थ।।2।। 
 
आचार्यों, मठाधीशों, महामण्डलेश्वरों का महिमामंडनी मंत्रोच्चार है सिंहस्थ। 
हठयोगी साधकों का प्रकट खुमार है सिंहस्थ।।
सन्यासियों की जटाओं, धूनियों, चिमटों, भभूतियों में, 
प्रदर्शित होता एक अलग ही संसार है सिंहस्थ।।3।।
 
प्रवचन, यज्ञ, हवन, अनुष्ठान, अर्चना, भंडारे हैं सिंहस्थ। 
ए सी कॉटेज वासियों की धार्मिक पिकनिक क्षिप्रा किनारे है सिंहस्थ।। 
धर्म की धारणाओं, विश्वासों, श्रद्धाओं, निष्ठाओं को। 
किसी भी तर्क से परे युग-युग से धारे हैं सिंहस्थ।।4।।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच

सभी देखें

नवीनतम

अमेरिका और ईरान युद्ध दोबारा भड़का तो क्या होगा?

बच्चे की मौत से न टूटे किसी मां-बाप का सपना, यह यूपी सरकार का संकल्प

Savarkar Jayanti 2026: वीर सावरकर जयंती: काला पानी की यातनाएं झेलने वाले वीर क्रांतिकारी की गाथा

Story for Kids: बच्चों के लिए कल्पनाशील कहानी: आइसक्रीम वाला पहाड़ और पिघलती खुशियां

आल्हा जयंती कैसे और कब मनाई जाती है?

अगला लेख