Hanuman Chalisa

कविता : मुझमें मेरा पानी आखिर कब तक?

राजकुमार कुम्भज
मेरे सामने एक गिलास रखा है 
मेरे सामने रखे गिलास में थोड़ा पानी है 
थोड़े पानी की अपनी थोड़ी कहानी है 
थोड़े पानी में थोड़ी मछलियां हैं
मछलियों के पेट में मुद्रिकाएं हैं 


मुद्रिकाओं में स्मृतियां हैं 
स्मृतियों में जीवन है
जीवन संक्षिप्त है 
संक्षिप्त किंतु नहीं है जीवन की लड़ाई 
इसकी हो सरकार या फिर हो उसकी 
लड़ाई है तो सिर्फ पानी की 
पानी आंखों का 
पानी चेहरों का 
पानी भाषा का 
मुझे तलाश है पानी की 
मुझे तलाश है मछलियों की 
मुझे तलाश है मछलियों के पेट में छुपी 
उन मुद्रिकाओं की, जिनमें कोटिश: स्मृतियां 
जानी-अंजानी
इतिहास में ऐतिहासिक हो जाने से 
वंचित भी जो 
मेरे सामने एक गिलास रखा है 
मेरे सामने रखे एक गिलास में थोड़ी धुंध है 
धुंध है कि पानी, कुछ पता नहीं दरअसल 
मेरे सामने एक गिलास रखा है 
और मैं पुकार रहा हूं पानी 
पानी पुकारने की निरंतरता में छुपा है मेरा पानी 
मुझ में मेरा पानी आखिर कब तक ?
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स

Jhalmuri recipe: घर पर 5 मिनट में बन जाएगी बंगाल की फेमस PM MODI वाली झालमुड़ी, फटाफट नोट करें रेसिपी

Morning Routine: सुबह उठते ही सबसे पहले करें ये 1 काम, दिनभर रहेंगे ऊर्जा से भरपूर

Sattu Recipes: गर्मी में सेहत को लाभ देगी सत्तू की 5 बेहतरीन रेसिपीज

गर्मियों में धूप में निकलने से पहले बैग में रखें ये चीजें, लू और सन टेन से होगा बचाव

सभी देखें

नवीनतम

Buddha Purnima Essay: बुद्ध पूर्णिमा: शांति और आत्मज्ञान के महापर्व पर रोचक निबंध

Vastu tips: किराए के घर में रह रहे हैं? तो जान लें ये 8 वास्तु टिप्स, जो बदल देंगे आपकी किस्मत

International Workers Day: श्रमिक दिवस कब मनाया जाता है, क्यों मनाना है जरूरी, जानें 5 खास त‍थ्य

State Foundation Day 01 मई: महाराष्ट्र, गुजरात स्थापना दिवस, जानें 10 खास बातें

Buddha Purnima wishes: बुद्ध पूर्णिमा पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे अलग खुशियों भरे शुभकामना संदेश

अगला लेख