हिन्दी कविता : राजनीति का मतलब

पं. डॉ. भरत कुमार ओझा 'भानु' (सारस्वत)
राजनीति का मतलब-
झूठ है, छल है, दगा है।
राजनीति में कौन, किसका सगा है?
 
राजनीति का मतलब-
थप्पी है, पेटी है, खोखा है।
राजनीति में कदम-कदम पे धोखा है।।
 
राजनीति का मतलब-
जहां ईमानदार खून के आंसू रोता है।
राजनीति में बेईमान ही धांसू होता है।।
 
राजनीति का मतलब-
चिलम भरने की कलाकारी है।
राजनीति में चप्पे-चप्पे पे मक्कारी है।।
 
राजनीति का मतलब-
कोई नहीं सोचता, हमें करना सेवा है।
राजनीति में सबकी चाहत, मेवा-ही-मेवा है।।
 
राजनीति का मतलब-
कितने ही, कितनों को बनाते अपना बाप हैं।
राजनीति में सबके हिस्से पाप-ही-पाप हैं।।
 
राजनीति का मतलब-
ये एक गहरा, अथाही दल-दल है।
राजनीति से उबरने का 'भानु' के पास हल है।।

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