Hanuman Chalisa

कविता : पेड़ एक मंदिर

जयति जैन 'नूतन'
हर पेड़ एक मंदिर है,
कोई नया, कोई पुराना।
कोई पतझड़ में बिखरा,
कोई बसंत में खिलता।
 
लेता कभी न कुछ,
देता नि:स्वार्थ भावपूर्ण।
छांव हो या शीतल हवा,
पुष्प हो या फल हो।
 
सिखाता हमेशा,
झुककर चलना,
मिलकर चलना।
वक्त का दामन थामे,
आसमां को छूना।
 
ना अंधेरों की चिंता,
ना उजाले से गिले।
सुकून मिलता उसे,
आकर जो बैठे तले।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नशे की लत से उबरने के लिए कौनसी थेरेपी और कदम होते हैं सबसे असरदार

बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय, मच्छरों से ऐसे करें खुद की सुरक्षा

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

सभी देखें

नवीनतम

तीखा सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य: दो जून की रोटी

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया

पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

अगला लेख