Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : अवतार

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
कोई अवतार कभी ऊपर से नहीं आता। 
यहीं, बस यहीं पैदा करती है धरती माता।।
जब अव्यवस्था, अनाचार की अति होती है,
 हम में से ही उभरता है, कोई मुक्ति दाता।।1।। 
 
यू. पी. त्रस्त हुई नकलचियों से, मजनू की सन्तानों से। 
यादव गीरी, माया गीरी से, अवैध बूचड़ खानों से।। 
भ्रष्टाचार-जर्जर सड़कों से, बिजली की निर्भीक चोरी से। 
दलितों पर अत्याचारों से, गुण्डों की सीना जोरी से।। 2।। 
 
त्रस्त प्रजाजन के मनों से 
उठी जब कातर पुकार। 
ई. वी. एम. के उदयाचल से उभरा 
आदित्य-सा योगी अवतार।। 3।। 
 
अवतार नाम है समर्पण का, 
खुद मिट कर कुछ कर जाने का। 
सुकरात सा विष पीने, ईसा सा 
क्रूस पर चढ़ जाने का।। 
राम सा वनवास भोगने का, 
कृष्ण सा महाभारत रचाने का। 
मोदी / योगी सा जन -सेवा के यज्ञ में 
खुद आहुति बन जाने का।।4।। 

 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नशे की लत से उबरने के लिए कौनसी थेरेपी और कदम होते हैं सबसे असरदार

बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय, मच्छरों से ऐसे करें खुद की सुरक्षा

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

सभी देखें

नवीनतम

तीखा सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य: दो जून की रोटी

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया

पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

अगला लेख