ऐ युवा! छोड़ असंभव शब्द को

Webdunia
- बिनोद कुमार यादव


 
बनो परम पुरुषार्थी, बनो तेज बलवान। 
बनो धीरगंभीर तू, होवो सबसे महान। 
 
पराकाष्ठा वीरत्व की, छू लो देश के वीर।
सबल प्रबल चल बह सदा, जैसे बहता नीर। 
 
छोड़ असंभव शब्द को, सब संभव है जान।
तू युवा यौवन भरा, निज शक्ति पहचान।
 
ओत-प्रोत तू यौवन से, है युवा देश प्राण।
उठ चलो आगे बढ़ो, कर यौवन बलिदान।
 
गज समान पग को बढ़ा, डिगा सके न कोय।
सतत एक सैम बढ़ सदा, बाधा विघ्न जो होय।

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Ghibli व एनीमे: जापानी 'कल्चरल सुपरपावर' से भारत को सीख

डायबिटीज से लेकर वजन कम करने में बहुत फायदेमंद हैं ये काले बीज, ऐसे खाने से मिलेगा पूरा फायदा

हर युग में प्रासंगिक है भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम पर निबंध 600 शब्दों में

अपने बेटे के व्यक्तित्व में चाहते हैं भगवान राम के गुण तो दीजिए उसे श्री राम से जुड़े ये सुन्दर नाम

जानिए कौन हैं घिबली' आर्ट की शुरुआत करने वाले हयाओ मियाजाकी, कितनी संपत्ति के हैं मालिक

सभी देखें

नवीनतम

गर्मियों में अमृत के समान है गोंद कतीरा का सेवन, जानिए क्या हैं फायदे

गर्मियों में शरीर को ठंडक देंगे ये 5 ठंडी तासीर वाले ड्राई फ्रूट्स, जानें इनके हेल्थ बेनिफिट्स

लिवर में चर्बी जमा सकते हैं ये 10 फूड्स, क्या आप भी कर रहे हैं इनका सेवन?

नवरात्रि पर चटपटा चुटकुला : मां दुर्गा के कितने रूप होते हैं?

हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ उम्र का असर भी कम करता है टोफू, जानिए क्या होता है और कैसे कर सकते हैं डाइट में शामिल

अगला लेख