Hanuman Chalisa

वसंत पंचमी पर कविता : आयो बसंत, बदल गई ऋतुएं

शम्भू नाथ
उड़-उड़कर अम्बर से।  
जब धरती पर आता है।  
देख के कंचन बाग को।  
अब भ्रमरा मुस्काता है।


 
 
 
फूलों की सुगंधित।  
कलियों पर जा के।  
प्रेम का गीत सुनाता है।
 
अपने दिल की बात कहने में।  
बिलकुल नहीं लजाता है।
कभी-कभी कलियों में छुपकर।  
संग में सो रात बिताता है। 
 
गेंदा गमके महक बिखेरे।  
उपवन को आभास दिलाए।  
बहे बयारिया मधुरम्-मधुरम्।  
प्यारी कोयल गीत जो गाए।  
ऐसी बेला में उत्सव होता जब।  
वाग देवी भी तान लगाए। 
 
आयो बसंत बदल गई ऋतुएं।  
हंस यौवन श्रृंगार सजाए।  
 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

गैस सिलेंडर खत्म होने का डर छू मंतर! बिना LPG गैस के भी पक सकता है खाना, ये 7 तरीके हैं सबसे बेस्ट

सभी देखें

नवीनतम

South Direction Home Vastu Tips: घर की दक्षिण दिशा को इन 5 तरीकों से अशुभता से बचाएं

Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स

बिना दूध, बिना क्रीम: सिर्फ 2 चीजों से घर पर बनाएं बाजार जैसी 'मैंगो डॉली' आइसक्रीम

वर्तमान में जीने वाले : एक पद्य कथा

एक सामयिक व्यंग्य: विश्वशांति का महायुद्ध