- जितेंद्र चौहान ND सच पहले रिश्तेसमंदर हुआ करते थेकितने ही ज्वार- भाटे आएँ पर रिश्ते बदलते नहीं थे।आज रिश्ते गिरगिट हो गए हैंआदमी का वक्त बदलते ही रिश्ते भी रंग बदलते हैं।...