- ग्रॅब्रिएला मिस्त्रालND उसने मुझे चूमा औरअब मैं कोई और हूँधड़कनों में कोई औरजो मेरी नसों में धड़कता हैऔर वह साँसों में घुल-मिल जातीअब मेरी कोख उतनी ही उदात्तजितना मेरा हृदयऔर फूलों की साँसों में पाई जातीमेरी साँसेंयह सब उसके कारणजो पलता कोख में मेरीजैसे कि घास पर ओस।अनुवाद- नरेंद्र...