Dharma Sangrah

लघुकथा : दो घटनाएं

आलोक कुमार सातपुते
पहली घटना- एक चैक पर रोती हुई एक महिला हर किसी से अपने खोए हुए बच्चे के विषय में पूछती। लोग टिप्पणी करते हुए निकल जाते- पैदा तो कर लेते हैं, लेकिन संभाल कर नहीं रख सकते...हराम के पिल्लों को...!
दूसरी घटना - उसी चैक पर चिथड़े पहना हुआ एक अर्ध-विक्षिप्त-सा व्यक्ति कचरे के ढेर में कुछ खोज रहा है। लोगों के पूछने पर वह कहता है - सौ रुपये का  एक नोट...।
....कुछ देर बाद उस चैक पर खड़ा हर व्यक्ति कचरे के ढेर में नोट खोजने मे जुट जाता है । 

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