Hanuman Chalisa

फोटो

लघुकथा

Webdunia
शारदा गुप्ता
'
ND
मम्मी-मम्मी' रवि दौड़ता हुआ आया और मम्मी के गले में बाहें डालकर झूलता हुआ कहने लगा- 'पता है आज हमने स्कूल में ढेर सारी मोमबत्तियाँ जलाईं। वो है ना हमारी मैम कह रही थीं- बंबई के दंगों में जो बेकसूर लोग मारे गए हैं उनकी याद में हमें मोमबत्ती जलाना चाहिए।' रवि ने बहुत ही भावुक होकर कहा व साथ में बाल सुलभ जिज्ञासा से पूछ भी लिया- "ये दंगे क्या होते हैं मम्मी? इसमें लोग मारे क्यों जाते हैं?

' अरे हाँ, कल हमारे क्लब में भी तो पेपर वाले आए थे। हमने भी तो ढेर सारी मोमबत्तियाँ जलाई थीं। देखूँ जरा, आज का पेपर तो ला। मेरा भी फोटो पेपर में आया होगा।' रवि की जिज्ञासा शांत किए बिना ही मम्मी ड्राइंग रूम में पेपर ढूँढने चली गई।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मी में बेहतरीन स्वादिष्‍ट आम रस कैसे बनाएं, पढ़ें स्टेप बाय स्टेप विधि और खास कुकिंग टिप्स

B. R. Ambedkar Essay: बाबासाहेब अंबेडकर पर हिन्दी में आदर्श निबंध

मधुमेह रोगियों को नारियल पानी कब पीना चाहिए?

तपती गर्मी से राहत देगा आम का पन्ना, नोट करें विधि

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

सभी देखें

नवीनतम

जब डुमरियागंज संसदीय सीट पर जब्त हुई मोहसिना की जमानत

अमेरिका का आर्तेमिस 2 चंद्र मिशन, जब पृथ्‍वी पीछे छूटती जा रही थी

इंदौर के महेश गनोकर पहुंचे अमेरिका के चुनावी मैदान में, जानें पूरी कहानी

Jyotiba Phule: ज्योतिबा फुले कौन थे, सामाजिक सुधार में उनका क्या योगदान था?

Guru Arjun Dev Ji: गुरु अर्जन देव जी का इतिहास क्या है?