Hanuman Chalisa

नंदीदेव के सींगों के बीच (आड़) में से क्यों करते हैं शिवजी के दर्शन

Webdunia
रविवार, 12 जून 2022 (08:37 IST)
Shivling darshan : भगवान शिव के प्रमुख गणों में से एक है नंदी। शिव मंदिर में उनकी बैल के स्वरूप में प्रतिमा विराजमान रहती है। जो भी मनोकामना होती है उसे उनके कानों में बोलने की परंपरा है और साथ ही नंदीदेव के सींगों के बीच से शिवलिंग के दर्शन करने की परंपरा भी है। आओ जानते हैं कि क्या है इसके पीछे का कारण।
 
 
शिव का रूप ज्योतिर्मय भी है। एक रूप भौतिकी शिव के नाम से जाना जाता है जिसकी हम सभी आराधना करते हैं। ज्योतिर्मय शिव पंचतत्वों से निर्मित हैं। भौतिकी शिव का वैदिक रीति से अभिषेक एवं मंत्रोच्चारण किया जाता है। ज्योतिर्मय शिव तंत्र विज्ञान द्वारा दर्शन देते हैं। इस विज्ञान को जानने वाले जितने भी हुए और जिन्होंने भी शिव के इस रूप के दर्शन किए, सबने इस ज्ञान को गोपनीय रखा।  शिव परिवार पंच तत्व से निर्मित है। तत्वों के आधार पर शिव परिवार के वाहन सुनिश्चित हैं। शिव स्वयं पंचतत्व मिश्रित जल प्रधान हैं। इनका वाहन नंदी आकाश तत्व की प्रधानता लिए हुए है। 
 
इसी प्रकार माता गौरी अग्नि तत्व की प्रधानता लिए हुए हैं। इनका वाहन सिंह (‍अग्नि तत्व) है। स्वामी कार्तिकेय वायु तत्व हैं। इनका वाहन मयूर (वायु तत्व), श्री गणेश (पृथ्‍वी तत्व), मूषक इनका वाहन (पृथ्वी तत्व)।
 
 
शिवलिंग के सामने सदैव नंदीदेव विराजमान रहते हैं और शिव के दर्शन करने के पूर्व नंदीदेव के सींगों के बीच (आड़) में से शिव के दर्शन करते हैं, क्योंकि शिव ज्योतिर्मय भी हैं और सीधे दर्शन करने पर उनका तेज सहन नहीं कर सकते। नंदी देव आकाश तत्व हैं। वे शिव के तेज को सहन करने की पूर्ण क्षमता रखते हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिक मास कब से कब तक? इस पवित्र महीने में करें ये 5 शुभ काम, खुल सकता है भाग्य

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

सभी देखें

धर्म संसार

03 April Birthday: आपको 3 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 3 अप्रैल 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Vaishakh 2026: वैशाख माह के व्रत त्योहारों की लिस्ट

श्री हनुमंत स्तवन: अतुल्य शक्ति

Akshaya tritiya 2026: अक्षय तृतीया कब है?

अगला लेख