Hanuman Chalisa

रामचरितमानस के रचयिता

एमके सांघी
रामचरितमानस रचने में,
क्या-क्या शोध किया होगा?

 

 
पूज्य तुलसीदासजी आपने,
स्वयं को होम किया होगा।
 
रात-रातों को जागे होंगे,
दिनों में भी आराम न किया होगा।
थकित शरीर, दुःखित चरणों को,
क्या कोई सेवक मिला होगा?
 
समय पर भोजन न किया होगा,
नदी तट पर होकर भी न जल पिया होगा।
राम प्रेम के आवेगों से,
संचित जल भी अंखियों से बहा होगा।
 
सूख गया होगा मुख, खो गई होगी सुध,
निश्चल मन राम में रमा होगा।
बूंद-बूंद से भरे सरोवर,
उसी तरह आपने रामचरित रचा होगा।
 
रामचरित का हर प्रसंग,
जीवन रस मन में उतरा होगा।
वही जीवन रस चौपाईयां बनकर,
आपकी कलम से बह निकला होगा।
 
मानस की स्वरचित पंक्तियों को,
आपने कई-कई बार पढ़ा होगा।
आज सब मगन मुग्ध हो जाते हैं पढ़कर,
आपका तो रोम-रोम खिला होगा।
 
पर आपको कुछ न मालूम होगा,
आप तो राममय हो गए होंगे।
चौपाई, छंद व दोहों की दुनिया में,
बस जाकर के खो गए होंगे।
 
आपके इस महाग्रंथ की राम कहानी,
तो बस जानते होंगे श्री राम।
श्री गुसांई आपको शत-शत नमन,
जन्मदिवस पर बारंबार शत-शत प्रणाम। 

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख