Hanuman Chalisa

Lokgeet On Holi : होली के 5 प्रचलित पौराणिक लोकगीत यहां पढ़ें

Webdunia
Lokgeet On Holi
 
रंग-बिरंगी होली के पर्व पर एक-दूसरे पर रंग फेंकते हैं, ढोल बजा कर होली के लोकगीत गाए जाते हैं और घर-घर जा कर लोगों को रंग लगाकर त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है। यहां पढ़ें होली के पौराणिक 5 लोकगीत... 
 
अवध मां होली खेलैं रघुवीरा।
 
ओ केकरे हाथ ढोलक भल सोहै, केकरे हाथे मंजीरा।
राम के हाथ ढोलक भल सोहै, लछिमन हाथे मंजीरा।
ए केकरे हाथ कनक पिचकारी ए केकरे हाथे अबीरा।
ए भरत के हाथ कनक पिचकारी शत्रुघन हाथे अबीरा।
 
होरी खेलैं राम मिथिलापुर मां
 
मिथिलापुर एक नारि सयानी, 
सीख देइ सब सखियन का,
बहुरि न राम जनकपुर अइहैं, 
न हम जाब अवधपुर का।।
 
जब सिय साजि समाज चली, 
लाखौं पिचकारी लै कर मां।
मुख मोरि दिहेउ, पग ढील 
दिहेउ प्रभु बइठौ जाय सिंघासन मां।।
 
हम तौ ठहरी जनकनंदिनी, 
तुम अवधेश कुमारन मां।
सागर काटि सरित लै अउबे, 
घोरब रंग जहाजन मां।।
 
भरि पिचकारी रंग चलउबै, 
बूंद परै जस सावन मां।
केसर कुसुम, अरगजा चंदन, 
बोरि दिअब यक्कै पल मां।।
 

सरयू तट पर होली 
 
सरजू तट राम खेलैं होली, 
सरजू तट।
केहिके हाथ कनक पिचकारी, 
केहिके हाथ अबीर झोली, 
सरजू तट।
 
राम के हाथ कनक पिचकारी, 
लछिमन हाथ अबीर झोली, 
सरजू तट।
 
केहिके हाथे रंग गुलाली, 
केहिके साथ सखन टोली, 
सरजू तट।
 
केहिके साथे बहुएं भोली, 
केहिके साथ सखिन टोली, 
सरजू तट।
 
सीता के साथे बहुएं भोली, 
उरमिला साथ सखिन टोली, 
सरजू तट।

आज बिरज में होली रे रसिया, 
 
आज बिरज में होली रे रसिया, 
होली रे रसिया, बरजोरी रे रसिया।
उड़त गुलाल लाल भए बादर, 
केसर रंग में बोरी रे रसिया।
 
बाजत ताल मृदंग झांझ ढप, 
और मजीरन की जोरी रे रसिया।
 
फेंक गुलाल हाथ पिचकारी, 
मारत भर भर पिचकारी रे रसिया।
 
इतने आये कुंवरे कन्हैया, 
उतसों कुंवरि किसोरी रे रसिया।
 
नंदग्राम के जुरे हैं सखा सब, 
बरसाने की गोरी रे रसिया।
 
दौड़ मिल फाग परस्पर खेलें, 
कहि कहि होरी होरी रे रसिया।
 


होरी खेलत राधे किसोरी 
 
होरी खेलत राधे किसोरी 
बिरिजवा के खोरी।
केसर रंग कमोरी घोरी 
कान्हे अबीरन झोरी।
 
उड़त गुलाल भये बादर 
रंगवा कर जमुना बहोरी।
बिरिजवा के खोरी।
लाल लाल सब ग्वाल भये, 
लाल किसोर किसोरी।
 
भौजि गइल राधे कर सारी, 
कान्हर कर भींजि पिछौरी।
बिरिजवा के खोरी।

ALSO READ: होलाष्टक की पौराणिक और प्रामाणिक कथा


सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

Banyan tree worship: वट सावित्री व्रत: बरगद के पेड़ में छिपा है अखंड सौभाग्य का रहस्य, जानें धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें, हर महिला को जानना हैं जरूरी

Lord Shantinath jayanti: जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ की जयंती

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (14 मई, 2026)

अगला लेख