Biodata Maker

तमिलनाडु में होली पर क्यों मनाया जाता है काम-दहनम त्योहार, क्या भगवान शिव और कामदेव से जुड़ा है इतिहास

WD Feature Desk
गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025 (18:12 IST)
holi in south india: होली का त्यौहार आने वाला है। भारत में होली एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जिसे लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। होली की कहानी भक्त प्रहलाद और होलिका से जुड़ी है। अलग-अलग जगह पर होली से जुड़ी हुई विभिन्न मान्यताएं और परंपराएं हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं तमिलनाडु सहित पूरे दक्षिण भारत में इस त्यौहार का संबंध कामदेव और भगवान शिव से है। जी हां, यहां होली का त्योहार काम दहनल के पर्व के रूप में मनाया जाता है। यहां होली के दिन कामदेव की पूजा की जाती है। यह पूजा दुनिया के लिए दिए गए उनके बलिदान की याद में की जाती है। यही वजह है कि यहां होली के त्योहार को काम दहनम के नाम से जाना जाता है।
 
तमिलनाडु में सदियों से काम दहनल मनाया जा रहा है। इस उत्सव को मनाने की यहां के लोगों की मान्यताएं और रीति-रिवाज भारत के अन्य हिस्सों की तुलना में अलग है। काम दहनल का त्योहार तमिलनाडु के साथ ही आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भी धूमधाम से मनाया जाता है।

ALSO READ: काशी में क्यों खेली जाती है श्मशान की राख से होली, मसाने की होली में रंग की जगह क्या है चिता की भस्म का भेद 
रति और कामदेव की होती है पूजा
काम दहनल के समय कर्नाटक में रति और उनके पति कामदेव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। तमिलनाडु के लोग इस त्योहार को मनाने के लिए कामदेव के प्रतीक के रूप में सूखे गोबर के गोले, लकड़ियां और घास को जलाते हैं। इस गोबर के गोले को जलाने के बाद बनी राख को यहां बेहद पवित्र माना जाता है। इसी राख को लोग एक-दूसरे को लगाते हैं।

शिव और कामदेव की पौराणिक कहानी
काम दहनम को मनाने के पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है। इस कथा के अनुसार, भगवान शिव अपनी जब अपनी पत्नी देवी सती की मृत्यु के बाद गहरे ध्यान में चले जाते हैं और बहुत लंबे समय तक ध्यान में डूबे रहते हैं। जब माता पार्वती शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या कर रही थीं तो सभी देवता चिंतित हो जाते हैं। तब देवताओं के कहने पर भगवान शिव के ध्यान को भंग करने के लिए प्रेम के देवता कामदेव उन पर अपना पुष्प बाण चलाते हैं।

बाण लगने से शिव का ध्यान भंग हो जाता है और इससे क्रोधित होकर वे अपनी तीसरी आंख खोलकर कामदेव को जलाकर भस्म कर देते हैं। इसके बाद सभी के मनाने के बाद में भगवान शिव, पार्वती जी से विवाह करने के लिए मान जाते हैं । इसके बाद कामदेव की पत्नी रति के निवेदन पर भगवान शिव कामदेव को पुनर्जीवित कर देते हैं। इसी कथा के आधार पर तमिलनाडु में काम दहनम मनाया जाता है। 
अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

Mahavir Jayanti: महावीर जयंती 2026: भगवान महावीर के उपदेश और जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक बातें

Kharmas 2026: खरमास में करें 5 उपाय, पितरों को मिलेगी शांति

सभी देखें

धर्म संसार

31 March Birthday: आपको 31 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 मार्च 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

मंगल-शनि की युति से बनेगा ज्वालामुखी योग, दुनिया में हो सकती हैं ये 5 बड़ी घटनाएं

यहूदी, ईसाई और मुस्लिम धर्म की भविष्‍वाणी: क्या यही है 'कयामत' की लड़ाई?

02 अप्रैल से बनेगा विस्फोटक योग, जानिए 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव, 5 अचूक उपाय

अगला लेख