Hanuman Chalisa

खुशबूदार कैंडल्स से महकेगी दिवाली

Webdunia
दीपावली शॉपिंग्स ने बढ़ाई बाजार की रौनक 
 
दीपावली यानि दीयों का त्योहार। बिजली के चाहे कितने ही झालर लगा लें दीयों के बिना दिवाली अधूरी है। तभी तो दीपावली को इतने दिन शेष होने के बावजूद दीपकों का बाजार अभी से लग गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में दीपावली मार्केट की चहल-पहल दिखाई देने लगी है। मार्केट में टेराकोटा, स्टील और पीतल के दीप सजने लगे हैं। कहीं देसी दीये हैं तो कहीं डिजाइनर दीयों की धूम है।


 
खुशबू के साथ रोशनी 
 
वह दिन लद गए जब लोग महज साधारण सी दिखने वाली कैंडल या दीये जलाकर दीपावली पर्व मनाते थे। अब डिजाइनदार और आकर्षक तरीके से तैयार की गईं कैंडल्स लोगों की पसंद में शामिल हो गई हैं। 
 
रोशनी के इस पर्व को खास तरीके से मनाने और यादगार बनाने के लिए लोग कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते। यही वजह है कि अन्य चीजों के साथ ही घर को रोशन करने के लिए महंगी और खुशबूदार कैंडल्स की मांग भी बढ़ने लगी है। 
 
हालांकि बीते कुछ सालों से हम पारंपरिक कैंडल्स से घरों को सजाते आए हैं,लेकिन बाजार में होने वाले नित नए प्रयोगों ने आज हमें कई विकल्प उपलब्ध करवा दिए हैं। अब साधारण सी दिखने वाली रेग्युलर कलर्स कैंडल्स की बजाय बाजार में ऐसी कैंडल्स आ गईं हैं जो घर को रोशन तो करेंगी ही, कोने-कोने में खुशबू भी बिखरेंगी। दीपावली के इस फेस्टिवल सीजन में बाजार ऐसे आइटम्स से पटा पड़ा है। बाजार पर नजर डालें तो फ्लोटिंग कैंडल, जेल, डिप, चंक्स, फ्रेगरेंस से भरपूर कैंडल, फ्लेवर वाली कैंडल्स की काफी डिमांड है। 
 
100-2000 रुपए की रेंज 
किनारियों से सजी-संवरी कैंडल्स पिलर, वोटिव्स और फ्लोटर्स आदि शेप में 100 रुपए से लेकर 800 रुपए तक में मिल रही है। इसमें कुछ ऐसे भी कैंडल्स हैं जो लगभग 80 घंटे तक जलती हैं। वैसे मध्यमवर्ग के लिए 200 रुपए की रेंज तक अच्छी कैंडल्स बाजार में उपलब्ध हैं। 

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

jharkhand recipe: झारखंड का पारंपरिक पकवान ओकोपोको, जानिए कैसे बनता है यह व्यंजन

जब रास्ते बंद दिखें… समझ लो किस्मत नया दरवाज़ा खोल रही है

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

Inspirational Yoga Poem: स्वास्थ्य लाभ पर बेहतरीन हिन्दी कविता: योग जीवन का अमृत

International Picnic Day 2026: पिकनिक दिवस का महत्व: क्यों मनाया जाता है यह खास दिन?

Fathers Day 2026: फादर्स डे कब है? जानें तारीख, इतिहास और महत्व

18 जून को क्यों याद की जाती हैं रानी लक्ष्मीबाई? जानें उनके बलिदान की पूरी कहानी

Hindi Poem on Yoga: योग पर हिन्दी कविता: आओ मिलकर योग करें