Dharma Sangrah

ईशान कोण और आपका घर

Webdunia
WD
जमीन के उत्तर पूर्व कोने को ईशान कोण कहा जाता है। यह माना जाता है कि इस कोण पर देवताओं और आध्यात्मिक शक्ति का वास रहता है। इसलिए यह घर का सबसे पवित्र कोना होता है।

* भगवान शिव का एक नाम ईशान भी है। चूँकि भगवान शिव का आधिपत्य उत्तर-पूर्व दिशा में होता है इसीलिए इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा शुभ मानी जाती हैं।

* इन दोनों दिशाओं के मिलने वाले कोण पर उत्तर-पूर्व क्षेत्र बनता है इसी वजह से यह घर या प्लाट का यह सबसे शुभ तथा ऊर्जा के स्रोत का शक्तिशाली कोना माना जाता है।

* यहाँ दैवी शक्तियाँ इसलिए भी बढ़ती हैं क्योंकि इस क्षेत्र में देवताओं के गुरु बृहस्पति और मोक्ष कारक केतु का भी वास रहता है।

घर बनाते वक्त ईशान क्षेत्र में ध्यान रखने योग्य बातें :

* ईशान क्षेत्र दैवी ऊर्जा से परिपूर्ण क्षेत्र होता है इसलिए यहाँ पूजा-पाठ, ध्यान, योग या आध्यात्मिक जैसी गतिविधियाँ करना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को थोड़ा समय, विशेषकर सुबह का वक्त अपने घर के ईशान कोण में बिताना चाहिए।

* इसका सबसे अच्छा उपाय है वहाँ पूजाघर की स्थापना कर दी जाए। ईशान क्षेत्र में की जाने वाली पूजा हमेशा शुभ फलदायी और परिवार के सदस्यों को स्थायित्व देने व ाल ी होती है।

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या आपका फर्स्ट वेलेंटाइन डे है, तो ऐसे करें Valentine Week को सेलिब्रेट

Kiss Day 2026: प्यार जताने के सही मायने और जरूरी सीमाएं

Hug Day 2026: गले लगाने का सही तरीका और ये बड़ी गलतियां न करें

वेलेंटाइन डे पर प्रेरक प्रेम कविता: प्रेम का संकल्प

Valentine Day Essay: वेलेंटाइन डे पर बेहतरीन निबंध हिन्दी में

सभी देखें

नवीनतम

वंदे मातरम के 6 छंद क्या है जिन्हें सरकार ने किया सार्वजनिक समारोह में अनिवार्य?

Promise Day 2026: वादे कैसे करें और किन बातों से बचना जरूरी है

गुरु समर्थ रामदास नवमी कब है, क्यों मनाई जाती है?

जब दिलेरी पर भारी पड़ी ममता

विकास से विद्या बनने की दर्दभरी दास्‍तां से वॉशिंगटन पोस्‍ट के शटडाउन की आहट तक, गांधी के आश्रम में सार्थक संवाद