अगर आप गठिया रोगी हैं तो आजमाएं ये खास 10 टिप्स...

Webdunia
गठिया या आर्थराइटिस जोड़ों में होने वाली एक बहुत ही आम बीमारी है, जिसे संधिशोथ भी कहा जाता है। इस बीमारी में जोड़ों में दर्द होने लगता है।
 
इसके लक्षण आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ विकसित होते रहते हैं, लेकिन ये अचानक भी दिखाई दे सकते हैं जैसे जोड़ों को हिलाने, घुमाने तथा मोड़ने में परेशानी होने लगती है। अत: आप भी कुछ ऐसा ही महसूस कर रहे हैं तो नीचे दिए गए इन नियमों का पालन करके गठिया की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

आइए जानें... 
 
1. सुबह उठते ही खाली पेट नींबू मिला गुनगुना जल पीएं। 
 
2. दिन में एक बार सूखे अदरक को पानी में उबालकर उस जल का सेवन करें। 
 
3. रोजाना 10 से 15 मिनट तक सूर्य स्नान करें। 
 
4. स्नान करने से पहले दर्द वाले हिस्से और जोड़ की तेल से मालिश करें। 
 
5. दोपहर का भोजन 12 बजे और रात का भोजन शाम 7 बजे से पहले कर लेना चाहिए। 
 
6. भोजन से पहले टमाटर या सब्जियों का सूप लें। 
 
7. सूप के बाद सलाद खाएं और उसके बाद हरी सब्जी और रोटी लें। 
 
8. भोजन के दौरान पानी नहीं पीएं। मट्ठा या छाछ ले सकते हैं। 
 
9. शाम को फलों का रस लें। 
 
10. रात के समय हल्का भोजन करें और सोने से पहले दूध अवश्य पीएं।

ALSO READ: फूड आपकी सेहत का दोस्त भी हो सकता है और दुश्मन भी, भाग लीजिए इस क्विज में

ALSO READ: क्यों जरूरी है आपके आहार में फाइबर, 4 बड़ी सेहत समस्याओं से रखता है दूर
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या है होली और भगोरिया उत्सव से ताड़ी का कनेक्शन? क्या सच में ताड़ी पीने से होता है नशा?

महिलाओं के लिए टॉनिक से कम नहीं है हनुमान फल, जानिए इसके सेवन के लाभ

चुकंदर वाली छाछ पीने से सेहत को मिलते हैं ये अद्भुत फायदे, जानिए कैसे बनती है ये स्वादिष्ट छाछ

धमनियों से बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 हरी चटनियां

मखाने के साथ मिला कर खाएं ये एक चीज, सेहत को मिलेंगे 5 चौंकाने वाले फायदे

सभी देखें

नवीनतम

मन को शांत और फोकस करने का अनोखा तरीका है कलर वॉक, जानिए कमाल के फायदे

क्या है वजन घटाने नया फ़ॉर्मूला 5:2 डाइट? जानिए इसके फायदे

होली का रंग नहीं पड़ेगा स्किन पर भारी, यह घरेलू नुस्खा है सबसे असरदार

नारी पर कविता : मेरी भूमिका

नर राजा है तो नारी रानी है नारी बिना जीवन बेमानी है... नारी शक्ति पर स्वरचित कविता हिंदी में

अगला लेख