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इंदौर में हनीट्रैप का जाल, ब्‍लैकमेलिंग, 1 करोड़ की डिमांड और 6 गिरफ्तारियां, क्‍या है हनीट्रैप का बीजेपी कनेक्‍शन?

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इंदौर के हनीट्रैप के सनसनीखेज मामले में अब बीजेपी का कनेक्‍शन सामने आया है। बता दें कि हनीट्रैप के इस कांड में एक शराब कारोबारी को शिकार बनाया गया और एक करोड़ की डिमांड की गई थी। अब इसमें इंदौर पुलिस ने एक और महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। बुधवार को सागर से हिरासत में ली गई इस आरोपी का नाम रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी है। इसे ही हनी ट्रैप नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है।

बता दें कि यह मामला शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान के साथ हुआ है। उन्‍हें हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल किया गया। इसके पहले क्राइम ब्रांच ने महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया था। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए की डिमांड कर रहा था। अब इसमें रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी को पुलिस ने धरा है, इसका कनेक्‍शन बीजेपी से बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है। आरोपियों में से श्वेता ने पुलिस के सामने सरकारी गवाह बनाने की इच्छा जताई है।

कौन है रेशू चौधरी : हनी ट्रैप में गिरफ्तार 32 साल की रेशू चौधरी पावर कॉरिडोर में काफी चर्चित है। बताया जा रहा है कि वह सागर की रहने वाली है। उसने विदेश में पढ़ाई की है। पति से तलाक हो गया है। साथ ही फर्राटेदार तरीके से अंग्रेजी बोलती है, जिसकी वजह से नेता और अधिकारी इससे प्रभावित हो जाते हैं। कथित रूप से कहा जा रहा है कि उसने इंदौर के होटलों में कई लोगों के वीडियो बनाए हैं।  रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है।

ऐसे रचा ब्‍लैकमेलिंग का खेल : क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रेशू, अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। उसने श्वेता विजय जैन के माध्यम से इंदौर निवासी अलका दीक्षित से संपर्क किया था। इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई। पुलिस अब रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त करने वाली है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जेल में हुई थी श्‍वेता-अलका की दोस्‍ती : पुलिस जांच में सामने आया कि श्वेता विजय जैन की अलका दीक्षित से जेल में दोस्ती हुई थी। कोर्ट में पेशी के लिए जाने के दौरान श्वेता, रेशू को लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना बनाई गई। रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेता, प्रॉपर्टी कारोबारी, फाइनेंसर, शराब कारोबारी और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर आसानी से रुपए ऐंठे जा सकते हैं। पुलिस रिमांड में श्वेता विजय जैन ने बताया कि अलका और रेशू दोनों उसके संपर्क में थीं। उसने अलका को समझाया था कि जिन लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं।

इंदौर में रहने वाले निमाड़ के नेता भी टारगेट पर : जांच में सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। इस नेता का इंदौर स्थित मकान अलका दीक्षित के इलाके में ही है। जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया था। इसके जवाब में अलका ने कथित हनी ट्रैप वीडियो दिखाते हुए कहा कि जिन बड़े लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनके वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से ही इंदौर के आजाद नगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है।

हितेंद्र सिंह चौहान ने की थी शिकायत : डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि बाणगंगा इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय हितेंद्र सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से उनकी जान-पहचान है। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा की भी इस साजिश में संलिप्तता पाई गई है।

ऐसे दिया ऑपरेशन को अंजाम : कारोबारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त कार्ययोजना तैयार की। 17 मई की देर रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक आपात बैठक हुई, जिसमें आरोपियों को दबोचने के लिए 'मिशन सीक्रेट' की रूपरेखा तैयार की गई। इसके लिए 40 कुशल जवानों को शामिल कर 7 अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने रात के समय द्वारकापुरी और पीथमपुर में एक साथ छापेमारी की। पुलिस ने अलका के बेटे जयदीप, स्वयं अलका दीक्षित और लाखन चौधरी को अलग-अलग स्थानों से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। इसके बाद भोपाल से मुख्य सूत्रधार श्वेता जैन को भी हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया। अब रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी को पुलिस ने धरा है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

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