Publish Date: Mon, 01 Sep 2025 (15:56 IST)
Updated Date: Mon, 01 Sep 2025 (15:59 IST)
इंदौर की मशहूर खाऊ गली को लेकर विवाद फिलहाल थमते हुए नजर आ रहा है। सराफा और चाट चौपाटी व्यापारियों के बीच दुकानों को लगाने की बात को लेकर चर्चा हुई है। बैठक के बाद आभूषण कारोबारियों के संगठन ने सदी भर पुरानी चाट-चौपाटी को कहीं और ले जाए जाने की मांग वापस ले ली, लेकिन इस चौपाटी से नूडल्स सरीखे चीनी मूल के व्यंजनों और दूसरे विदेशी पकवानों की दुकानें हटाने व कुल दुकानों की तादाद सीमित किए जाने की मांगें रख दीं। नगर निगम ने इस संगठन की मांगों पर विचार के लिए नौ सदस्यीय समन्वय समिति बना दी है।
सर्राफा चाट-चौपाटी के मुद्दे पर आभूषण कारोबारियों और नगर निगम के बीच बैठक के बाद इंदौर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने बताया कि बैठक में तय हुआ है कि सर्राफा चाट-चौपाटी, सर्राफा बाजार की अपनी मूल जगह पर ही संचालित होगी।
चर्चा में तय हुआ है कि सराफा चौपाटी में चायनीज, मोमोज या अन्य दुकानें, ठेले नहीं लगेंगे। सिर्फ परम्परागत मालपुए, रबड़ी, आइसक्रीम, चाट सहित व्यंजनों की दुकानें ही रहेंगी। इसके साथ ही यह तय हुआ है कि ये दुकानें भी रात 9 बजे के बाद खुलेंगी, जब सराफा कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर लेंगे।
बता दें कि लंबे समय से सोना चांदी के व्यापारी और पाट चौपाटी वालों के बीच विवाद चल रहा था। हालांकि अब सराफा व्यापारी नहीं चाहते हैं कि त्योहार के दिनों में किसी तरह का कोई टकराव हो। बता दें कि शर्तों के साथ व्यापारी और दुकानदारों में समन्वय बना है। मंत्री और महापौर के बाद अब विधायक ने भी दी इसे लेकर सहमति जताई है
टकराव नहीं चाहते व्यापारी : सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी का स्पष्ट कहना है कि हमारे पास जो सभी व्यापारियों के शपथ-पत्र आए हैं, उसमें दो टूक सराफा चौपाटी पूरी तरह से हटाने की ही बात कही गई है और आज भी हम बैठक में अपनी यही बात रखेंगे और साथ में कुछ वरिष्ठ व्यापारियों को भी ले जा रहे हैं, ताकि वे भी निगम को वस्तु स्थिति बता सकें। सराफा की पहचान पूरे देश में सोना-चांदी के कारोबार से रही है। चौपाटी तो उसके बाद हमारी ही सहमति से शुरू हुई। मगर मुस्लिम युवकों की बढ़ती संख्या, छेड़छाड़ की घटनाओं सहित अन्य कारणों से चौपाटी हटाने की बात कहना पड़ी। बता दें कि सराफा कारोबारियों के साथ क्षेत्र के अन्य गारमेंट सहित अन्य व्यापारी भी आए और सभी ने यह घोषणा भी कर दी कि वे देर रात तक अपनी दुकों खुली रखेंगे। महापौर भार्गव के साथ पिछली कारोबारियों की हुई बैठक असफल रही थी, जिसमें महापौर ने तो स्पष्ट कहा कि सराफा चौपाटी देश-विदेश में मशहूर है और उसे पूरी तरह से नहीं हटा सकते। कारोबारियों की यह मांग अवश्य मानी जाएगी कि चाइनीज सहित अन्य ठेले और दुकानें नहीं लगें, सिर्फ परम्परागत दुकानें ही लगें। वहीं नगर निगम फायर सेफ्टी, साफ-सफाई, पार्किंग सुरक्षा सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।
Edited By: Navin Rangiyal