आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान बैंकॉक में बम विस्फोट, 3 लोग घायल

शुक्रवार, 2 अगस्त 2019 (15:31 IST)
बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई जगहों पर शुक्रवार को बम विस्फोट हुए, जिसमें 3 लोग घायल हो गए। बम विस्फोट की इन घटनाओं ने पूरे बैंकॉक को हिलाकर रख दिया है, जहां आसियान शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भी भाग लिया।

थाईलैंड में राजनीतिक हिंसा का एक भयानक इतिहास रहा है, जहां मार्च में हुए एक विवादित चुनाव के बाद भी राजनीतिक स्थिति बहुत खराब बनी हुई है। थाई सरकार की प्रवक्ता नारुमन पिन्योसिनवात ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा ने बमबारी की घटनाओं के बारे में पूछताछ की और उन्होंने इसकी तत्काल जांच का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लोगों से नहीं घबराने की अपील की गई है। शहरभर में कई स्थानों पर बम विस्फोट हुए हैं, जो शायद तथाकथित पिंग पोंग बम हो सकते हैं, जो टेबल टेनिस के बॉल के आकार का होता है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन प्रतीकात्मक हमलों का मकसद बड़े पैमाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने का नहीं, बल्कि शहर में आयोजित प्रमुख सम्मेलन के दौरान सरकार को शर्मिंदा करना था।

सुआनलुआंग जिले की निदेशक रेणु सुएसत्ताया ने कहा, बम विस्फोट में 3 लोग मामूली रूप से घायल हो गए। इसी जिले में सबसे पहले बम विस्फोट की सूचना मिली थी। आपातकालीन पुलिस ने कहा कि मुझे एक रिपोर्ट मिली कि वे सड़क किनारे लगी झाड़ियों में छिपे ‘पिंग पोंग बम’ हैं। 2 और विस्फोट शहर के एक प्रसिद्ध गगनचुंबी इमारत के पास हुए।

बमों को निष्क्रिय करने के लिए शहर में बम निरोधक विशेषज्ञ को तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि एक सरकारी परिसर के आसपास वाले क्षेत्र में कम से कम 3 विस्फोट हुए हैं। बम विस्फोट की ये घटनाएं पोम्पिओ के संबोधन से ठीक पहले हुई। वह दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए, जिसमें उन्होंने लोकतांत्रिक प्रणाली में फिर से शामिल होने के लिए थाईलैंड की प्रशंसा की।

थाईलैंड की सरकार ने मीडिया से बम विस्फोट के मकसद को लेकर अटकलें लगाने से बचने की अपील की है। उप प्रधानमंत्री प्रवीत वोंगसुवोन ने संवाददाताओं से कहा, हमें अभी तक नहीं पता है कि इसमें कितने लोग शामिल हैं। जिन लोगों ने ऐसा किया है वे स्थिति को भड़काना चाहते हैं।

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख भक्तों से रूठे बाबा बर्फानी, आधा हुआ अमरनाथ का हिमलिंग