सीनेट से बोले जुकरबर्ग, मुझे अफसोस है

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Webdunia
बुधवार, 11 अप्रैल 2018 (07:32 IST)
वाशिंगटन। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कांग्रेस की दो दिवसीय सुनवाई शुरू होने पर निजता संबंधी प्रकरण के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। इस प्रकरण को लेकर फेसबुक के संबंध में सवाल खड़े हो गए थे। 
 
जुकरबर्ग ने सीनेट की वाणिज्य एवं न्यायपालिका समितियों के सामने अपनी टिप्पणियों की शुरुआत डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के अभियान से जुड़ी डेटा फर्म कैंब्रिज एनालिटिका को चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में 8.7 करोड़ उपयोगकर्ताओं से निजी जानकारी एकत्रित करने से रोकने में नाकाम रहने की जिम्मेदारी लेते हुए की।
 
जुकरबर्ग पहले भी उपयोगकर्ताओं और जनता से कई बार माफी मांग चुके हैं लेकिन यह उनके करियर में पहली बार है जब वह कांग्रेस के सामने उपस्थित हुए हैं। वह सदन की ऊर्जा एवं वाणिज्य समिति के सामने भी बुधवार को बयान देंगे। सुनवाई में जुकरबर्ग ने अपनी कंपनी में लोगों का भरोसा बहाल करने का प्रयास किया।
 
उन्होंने कहा कि हमने अपनी जिम्मेदारियों पर पर्याप्त रूप से बड़ा नजरिया नहीं अपनाया और यह बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा कि यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है।

चुनावों की सुचिता सुनिश्चित करना चाहता है फेसबुक : जुकरबर्ग ने सुनवाई के दौरान भारत, हंगरी और ब्राजील में होने वाले चुनावों की महत्ता से अवगत होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कंपनी चुनावों की सुचिता सुनिश्चित करना चाहती है।
 
उन्होंने कहा कि भारत, हंगरी और ब्राजील सहित वर्ष 2018 में कई जगह महत्वपूर्ण चुनाव होने वाले हैं और उनकी कंपनी चुनावों की सुचिता सुनिश्चित करना चाहती है।

नफरत संबंधी बयानों से निपटने के लिए और कदम : फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरी बातें फैलाने में सोशल मीडिया की कथित भूमिका के संबंध में आज अमेरिकी संसद के समक्ष इससे निपटने के लिए और कदम उठाने का वादा किया।
 
सीनेटर पैट्रिक लीही के रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ बढ़ते नफरत भरे बयानों में फेसबुक की भूमिका पर सवाल करने पर उन्होंने अमेरिकी सांसदों ने कहा, 'म्यांमार में जो हो रहा है वह भयावह है...इससे निपटने के लिए और कदम उठाने की आवश्यकता है।' (भाषा) 

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