Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 (13:09 IST)
Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 (14:57 IST)
पाकिस्तान के कराची में उग्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिकी दूतावास परिसर के बाहर आगजनी और तोड़फोड़ की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत की खबरों के बाद प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। सैकड़ों लोग अमेरिकी कांसुलेट के बाहर जमा हुए, गेट तोड़कर अंदर घुस गए और पथराव और आगजनी की। पुलिस के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में पाकिस्तान के कराची में हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक वाणिज्य दूतावास के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और चेतावनी के तौर पर हवा में गोली चलाई।
टायर जलाए और आगजनी की घटनाएं हुईं. इस दौरान 'अमेरिका मुर्दाबाद', 'इजरायल मुर्दाबाद' और 'ईरान जिंदाबाद' जैसे नारे पूरे इलाके में गुंजायमान रहे। पाक अधिकृत कश्मीर में यूएन दफ्तर में आग लगा दी गई। खामेनेई के समर्थकों और पुलिस में झड़प हुई। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान के शिया बाहुल्य इलाके स्करदू में हिंसक प्रदर्शन हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर, आर्मी पब्लिक स्कूल और एसपी ऑफिस को फूंका डाला।
ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने रविवार को बताया कि इस्राइली‑अमेरिकी हमलों में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। प्रेस टीवी ने एक्स पर लिखा, “इस्लामिक क्रांति के नेता आयतollah अली खामेनेई को अमेरिका‑इज़राइल के हमलों में शहीद कर दिया गया। ईरानी राज्य मीडिया के हवाले से कहा गया है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है।
कई ईरानी शहरों में मना जश्न
टाइम्स ऑफ इज़राइल ने ईरान के राज्य मीडिया के हवाले से बताया था कि अली खामेनेई की बेटी, पोता, बहू और दामाद इज़राइल‑अमेरिकी हमलों में मारे गए हैं. इज़राइली अख़बार ने कहा कि खामेनेई के अपने हालात पर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. वहीं, ईरान से आ रही कई रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि महानगरों में लोग जश्न मनाने के लिए सड़कों पर आए हैं। सीएनएन ने कई ईरानी शहरों में जश्न की खबर दी. समाचार में कहा गया कि सड़कों पर सीटी बजती सुनी गई और नारे लगाए गए “इस्लामिक रिपब्लिक की मौत” और “शाह ज़िंदाबाद। Edited by : Sudhir Sharma