मालदीव की धरती से मोदी का पाकिस्तान पर निशाना

Webdunia
शनिवार, 8 जून 2019 (19:37 IST)
माले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए पाकिस्तान का नाम लिए बिना शनिवार को कहा कि सरकार प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुट होने की जरूरत है और इसे धन तथा प्रश्रय देने वालों को अलग-थलग किया जाना चाहिए।
 
मोदी ने मालदीव की संसद ‘मजलिस’ को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और न ही हथियारों की फैक्टरी, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती। उन्होंने सवाल किया कि वे यह सब कहां से पाते हैं और उन्हें ये सुविधाएं कौन देता है।
 
उन्होंने कहा कि सरकार प्रायोजित आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि लोग अभी भी ‘अच्छे आतंकवादी’ और ‘बुरे आतंकवादी’ का भेद करने की गलती कर रहे हैं। पानी अब सिर से ऊपर निकल रहा है। आतंकवाद और चरमपंथ से निपटना विश्व के नेतृत्व की सबसे खरी कसौटी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद से उसी तरह एकजुट होकर निपटने की जरूरत है, जिस तरह जलवायु परिवर्तन से निपटने की कोशिश की जा रही है। आतंकवाद को हराने और इसे पोषित करने वाली शक्तियों को दूर रखने की जरूरत है। इस अवसर को भारत और मालदीव को जाने नहीं देना चाहिए। 
 
मालदीव का सर्वोच्च सम्मान : मोदी को मालदीव के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ देकर नवाजा गया। दूसरी बार प्रधानमंत्री बने मोदी को मालदीव के राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। मालदीव की ओर से किसी विदेशी हस्ती को मिलने वाला यह सर्वोच्च सम्मान है। द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने कुछ समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए तथा दोनों नेताओं ने दो रक्षा परियोजनाओं के उद्घाटन भी किए।

भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद के बीच सार्थक बातचीत हुई। विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करके हमारे विशेष संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अपने भाषण में कहा कि मालदीव के साथ भारत अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि हम एक-दूसरे के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं। भारत हरसंभव तरीके से मालदीव की मदद करना चाहता है। भारत और मालदीव के बीच दोस्ती हमेशा बनी रहे।

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