मोदी ने जिनपिंग को दिया यह खास तोहफा...

Webdunia
शनिवार, 28 अप्रैल 2018 (08:08 IST)
वुहान। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को एक प्रसिद्ध चीनी चित्रकार की दो कलाकृतियों की प्रतिलिपियां भेंट कीं जिन्हें उन्होंने पश्चिम बंगाल में विश्वभारती विश्वविद्यालय में 1939-40 में ठहरने दौरान बनाई थी। 
 
मोदी ने यहां अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान शी को शू बीहोंग की कलाकृतियों की प्रतिलिपियां दीं। शू घोड़ों और पक्षियों की अपनी स्याही पेंटिग के लिए जाने जाते थे। वह उन कलात्मक अभिव्यक्तियों की जरुरतों को सामने रखने वाले प्रथम चीनी कलाकारों में एक थे जिनमें 20 वीं सदी के प्रारंभ में आधुनिक चीन परिलक्षित हुआ। पेंटिंग में एक घोड़ा और घास पर गौरैया नजर आ रहे हैं।
 
अधिकारियों ने बताया कि शू ने विश्वभारती में ठहरने के दौरान ये कलाकृतियां बनाई थीं। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने इस शिखर वार्ता के लिए उनका विशेष रूप से आर्डर किया था। 
 
सूत्रों ने बताया कि ‘घोड़ा, गौरैया और घास' शीर्षक वाली ये पेंटिंग विश्वभारती के संग्रहण में है। आईसीसीआर ने वुहार में इन दोनों नेताओं की अनौपचारिक शिखर भेंटवार्ता के मौके लिए उनकी एकल प्रतिलिपियों का विशेष रुप से ऑर्डर किया था। 
 
सूत्रों के अनुसार शू चीन से प्रथम विजिटिंग प्रोफेसर के रुप में शांति निकेतन आए थे और उन्होंने कलाभवन में अध्यापन किया था। उस दौरान रवींद्रनाथ टैगोर ने दिसंबर, 1939 में शू बीहोंग की 150 से अधिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था। (भाषा) 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

CM धामी ने बदले 18 स्थानों के नाम, औरंगजेबपुर हुआ शिवाजी नगर

कौन हैं निधि तिवारी, बनीं पीएम मोदी की Personal Secretary?

जानिए कौन हैं घिबली' आर्ट की शुरुआत करने वाले हयाओ मियाजाकी, कितनी संपत्ति के हैं मालिक

सावधान! अप्रैल-जून में पड़ेगी सामान्य से ज्यादा गर्मी, लू से होगा सामना

1 अप्रैल की रात से बैंकिंग से लेकर यूपीआई तक बदल रहे हैं ये नियम

सभी देखें

नवीनतम

MP : अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस के डिब्बे में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप, कोई हताहत नहीं

बंगाल में गैस सिलेंडर विस्फोट, 4 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत

साइबर अपराधियों ने ओडिशा के पूर्व IT मंत्री से ठगे 1.4 करोड़

Chhattisgarh : बीजापुर में 13 माओवादी गिरफ्तार, बारूदी सुरंग विस्फोट में थे शामिल

जल संवर्धन के साथ उसका संरक्षण आज की महती आवश्यकता : मोहन यादव

अगला लेख