इंडोनेशिया के ग्रामीणों ने सुनामी की भयावह यादें साझा कीं

सोमवार, 24 दिसंबर 2018 (21:45 IST)
कैरिटा (इंडोनेशिया)। इंडोनेशिया के तटीय क्षेत्रों में सुनामी के कारण जान-माल की भारी क्षति हुई है और लोगों को उस भयावह स्थिति से उबरने में समय लगेगा। सुनामी से अपना सब कुछ गंवा बैठे एसेप सुनारिया के अनुसार उसने पानी की तेज आवाज सुनी। इसके बाद पानी की ऊंची लहरों में उसकी बाइक के साथ ही उसका घर और गांव तक बह गए।
 
 
ज्वालामुखी फटने के चलते आई सुनामी में कम से कम 281 लोग मारे गए। बचावकर्मी जिंदा बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। 42 वर्षीय सुनारिया उस आपदा के सदमे से उबरने का प्रयास कर रहा है, जो बिना किसी चेतावनी के आया था। उसने याद करते हुए कहा कि पानी तेज आवाज के साथ आया। वह हैरान था। उसे इसकी कोई उम्मीद नहीं थी, क्योंकि कोई पूर्व चेतावनी नहीं थी। पहले उसने सोचा कि यह केवल ज्वार की लहर है लेकिन पानी की लहर बहुत ऊंची हो गई।
 
सुनारिया ने बताया कि उसका परिवार ऊंचे स्थान के लिए भागा। उनके पास केवल कपड़े थे। यद्यपि वे कुछ भाग्यशाली व्यक्तियों में से थे। शनिवार रात में जब शक्तिशाली सुनामी आई तो उसमें कुछ ग्रामीण बह गए। यह सुनामी दक्षिणी सुमात्रा और जावा के पश्चिमी हिस्से में आई।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुनामी अनाक क्राकाटोआ ज्‍वालामुखी फटने के बाद संभवत: समुद्र के नीचे मची तीव्र हलचल के कारण सुनामी आई। सुनारिया ने कहा कि मेरा परिवार सुरक्षित है लेकिन मेरा मकान नष्ट हो गया है, सब कुछ समाप्त हो गया।

एक अन्य ग्रामीण सुनार्ती अपने नष्ट हुए मकान के बाहर घुटने भर पानी में अपने सामान तलाश रही थी। उसने बताया कि हमें रविवार को वहां 2 शव मिले। सुनार्ती ने बताया कि उसकी 100 वर्षीय मां बच गई है और वे ऊंचे स्थान पर हैं। 

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