Hanuman Chalisa

जैन धर्म के साथ-साथ अन्य कई धर्मों में भी है क्षमा का महत्व

राजश्री कासलीवाल
शांति और समता आत्मा का स्वाभाविक धर्म है, जो कभी नष्ट नहीं हो सकता। शत्रु-मित्र, उपकारक और अपकारक के प्रति जो समता भाव रखा जाता है वही साधक और सज्जन पुरुषों का आभूषण है। सिर्फ जैन धर्म ही हमें क्षमा भाव रखना नहीं सिखाता है, सभी धर्म यही कहते हैं कि हमें सबके प्रति अपने मन में दया और क्षमा का भाव सदैव रखना चाहिए। आइए जानें क्षमा के बारे में अन्य धर्मोंं के विचार -  
 
* स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि- तमाम बुराई के बाद भी हम अपने आपको प्यार करना नहीं छोड़ते तो फिर दूसरे में कोई बात नापसंद होने पर भी उससे प्यार क्यों नहीं कर सकते? 
 
* सिख गुरु गोविंद सिंह जी एक जगह कहते हैं- 'यदि कोई दुर्बल मनुष्य तुम्हारा अपमान करता है, तो उसे क्षमा कर दो, क्योंकि क्षमा करना वीरों का काम है।' 
 
* ईसा मसीह ने भी सूली पर चढ़ते हुए कहा यही कहा था कि- 'हे ईश्वर! इन्हें क्षमा करना, ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।' 
 
* कुरान शरीफ में भी लिखा है- 'जो वक्त पर धैर्य रखे और क्षमा कर दे, तो निश्चय ही यह बड़े साहस के कामों में से एक है।'  
 
* भगवान महावीर स्वामी और हमारे अन्य संत-महात्मा भी प्रेम और क्षमा भाव की शिक्षा देते हैं। अत: यही सत्य है कि हर मनुष्य के अंदर क्षमा भाव का होना बहुत जरूरी है।
 
भगवान महावीर ने हमें आत्मकल्याण के लिए दस धर्मों के दस दीपक दिए हैं। प्रतिवर्ष पर्युषण आकर हमारे अंत:करण में दया, क्षमा और मानवता जगाने का कार्य करता है। जैसे हर दीपावली पर घर की साफ-सफाई की जाती है, उसी प्रकार पर्युषण पर्व मन की सफाई करने वाला पर्व है।

इसीलिए हमें सबसे पहले क्षमा-याचना हमारे मन से करनी चाहिए। जब तक मन की कटुता दूर नहीं होगी, तब तक क्षमावाणी पर्व मनाने का कोई अर्थ नहीं है अत: जैन धर्म क्षमाभाव ही सिखाता है। 
 
हमें भी रोजमर्रा की सारी कटुता, कलुषता को भूलकर एक-दूसरे से माफी मांगते हुए और एक-दूसरे को माफ करते हुए सभी गिले-शिकवों को दूर कर क्षमा पर्व मनाना चाहिए। दिल से मांगी गई क्षमा हमें सज्जनता और सौम्यता के रास्ते पर ले जा‍ती है।

तो आइए, इस क्षमा-पर्व पर हम अपने मन में क्षमा भाव का दीपक जलाएं और उसे कभी बुझने न दें ताकि क्षमा का मार्ग अपनाते हुए धर्म के रास्ते पर चल कर मोक्ष को प्राप्त हो सकें। अत: हम दोनों ही गुण स्वयं में विकसित करें, क्योंकि कहा जाता हैं कि माफी मांगने से बड़ा माफ करने वाला होता है। 
 
क्षमा पर्व का पावन दिन है
भव्य भावना का त्योहार, 
विगत वर्ष की सारी भूलें 
देना हमारी आप बिसार।। 
 
सभी को जय जिनेंद्र..., उत्तम क्षमा...।

ALSO READ: क्षमावाणी विशेष : आत्मशुद्धि, मैत्री और क्षमा भाव का पावन पर्व

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

29 May Birthday: आपको 29 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 मई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत का महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

12 साल बाद गुरु का 'महागोचर': 2 जून से कर्क राशि में आएंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

अगला लेख