Hanuman Chalisa

जैन श्वेतांबर समाज के पर्युषण प्रारंभ, कोरोना काल में ऐसे मनाएं पर्व

Webdunia
Mahavir Swami
श्वेतांबर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण 15 अगस्त से प्रारंभ हो गए हैं। यह पर्युषण पर्व 22 अगस्त 2020 तक चलेंगे। इस दौरान जैन धर्मावलंबी तप और आराधना में लीन होंगे। इन दिनों प्रतिदिन सुबह भक्तांबर पाठ, कल्पसूत्र वाचन होगा। 
 
हर साल श्वेतांबर जैन समाज (मूर्तिपूजक) में इस पर्युषण महापर्व की शुरुआत विशेष पूजन-अर्चन, साज-सज्जा, आरती, मंदिरों में सजावट, अंगरचना के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ होती है, लेकिन इस बार श्वेतांबर समाज के सकल जैन महापंचायत ने इस खास पर्व के लिए गाइड लाइन जारी की है, जिसके तहत मंदिरों में प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा और कोरोना संक्रमण को देखते हुए तय की गई गाइड लाइन का पालन पूरी तरह से किया जाएगा। 
 
इस बार पर्युषण पर्व के दौरान कोरोना संक्रमण का पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा तथा मंदिर जी में केवल देव दर्शन ही करवाए जाएंगे। मंदिर में देव दर्शन के दौरान 5 से ज्यादा व्यक्तियों के आने पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्‍ठी नहीं की जाएगी। इन दिनों होने वाली समस्त धार्मिक क्रिया, भक्तांबर पाठ, कल्पसूत्र वाचन और पूजा पाठ आदि घर में ही आयोजित किए जाएंगे। 
 
इस बार मंदिरों में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन आयोजित नहीं किए जाएंगे। 20 अगस्त को भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन होगा। इस दौरान कोरोना के चलते धार्मिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं ऑनलाइन होंगी। इसके बाद दिगंबर समाज के पर्वाधिराज पर्युषण पर्व शुरू हो जाएंगे जो कि 23 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेंगे। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

15 May Birthday: आपको 15 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 मई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

शनि जयंती 2026: कैसे हुआ था शनि भगवान का जन्म, जानिए रहस्य

गंगा दशहरा पर बन रहा है इस बार दुर्लभ योग संयोग, इस मुहूर्त में करें स्नान और पूजा

बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी

अगला लेख