Hanuman Chalisa

जानिए कब और कितने समय तक करें रोटतीज व्रत...

Webdunia
* जैन धर्म में रोटतीज व्रत का महत्व
 

 
 
 - ब्र. जिनेश मलैया
 
जैन धर्म में रोटतीज का व्रत हर साल भाद्रपद शुक्ल तृतीया के दिन मनाया जाता है। इस व्रत का बहुत महत्व है। यह व्रत करने से मानसिक शांति मिलती है। रोटतीज का व्रत भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। 

रोटतीज व्रत : कब और कितने समय तक करें...
 
व्रतारंभ तिथि- भाद्रपद शुक्ल तृतीया। 
 

 
व्रतावधि- चौबीस वर्ष, बारह वर्ष या तीन वर्ष।
 

 
व्रत विधि- उपवास या रस त्यागपूर्वक एकाशन शक्तिनुसार। 
 

 
व्रत पूजा- रोटतीज व्रत पूजा/ चौबीस तीर्थंकर पूजा।
 

 
व्रत जाप मंत्र- ॐ ह्रीं वृषाभादि-महावीर-पर्यंत-चतुर्विशति-तीर्थंकर असि आ उसा नम: स्वाहा। 
 

 
उद्यापन विधान- पञ्चपरमेष्ठी विधान, चौबीसी विधान। 
 

 
व्रत फल- चोरी के परिणाम का अभाव। 
 

आगे पढ़ें रोटतीज व्रत का महत्व... 
 

रोटतीज व्रत का महत्व 
 

 
* रोटतीज व्रत मानसिक शां‍ति के प्रबल निमित्त हैं।

* व्रत मोक्ष महल की सीढ़ी है।

* व्रत मन-वचन-काय की पवित्रता के साक्षात कारण हैं।

* व्रत ही शाश्वत लक्ष्य की कुंजी है।

* व्रत मानव पर्याय के लिए उपहार हैं। 

* परिणाम विशुद्धि व्रताचरण से ही संभव है।

* व्रतों के पूर्ण फल सम्यक् विधि से ही प्राप्त होता है, मात्र उपवास (लंघन) से नहीं।

* व्रतों के बिना मानव जीवन अधूरा है।

* व्रत साधना है, मनौती नहीं।

* व्रतों के प्रति अरुचि/ प्रमाद/ अवमानना का भाव नहीं करना चाहिए। 

* व्रतों के बिना मानव जीवन अधूरा है।

* व्रत साधना है, मनौती नहीं।

* व्रतों के प्रति अरुचि/ प्रमाद/ अवमानना का भाव नहीं करना चाहिए। 
 

साभार- रोटतीज व्रत पूजा एवं कथा 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

29 May Birthday: आपको 29 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 मई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत का महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

12 साल बाद गुरु का 'महागोचर': 2 जून से कर्क राशि में आएंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

अगला लेख