Biodata Maker

मंगलवार को बजरंगबली की शुभ मुहूर्त में इस विधि से करें पूजा, मिलेगी मनचाही सफलता

Webdunia
मंगलवार, 20 दिसंबर 2022 (11:36 IST)
प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए और मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमानजी की पूजा करना चाहिए। मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा का खासा महत्व होता है। शुभ मुहूर्त में और अच्‍छे तरीके से विधिवत रूप से उनकी पूजा करने के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। आओ जानते हैं हनुमान पूजा की सरल विधि।
 
 
हनुमान पूजा शुभ मुहूर्त | Hanuman Puja : हनुमानी जी पूजा अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और निशिता मुहूर्त में कर सकते हैं। प्रात:काल का कोई शुभ मुहूर्त हो उस मुहूर्त में पूजा करें। संध्यावंदन के समय उनकी पूजा कर सकते हैं।
 
हनुमान जी सरल पूजा विधि | Hanuman Puja Vidhi:
 
1. पूजन में शुद्धता व सात्विकता का विशेष महत्व है, इस दिन प्रात:काल स्नान-ध्यान से निवृत हो हनुमान जी का स्मरण करते हुए भक्त व्रत एवं उपवास का पालन करते हुए भगवान का भजन व पूजन करते हैं।
 
2. नित्य कर्म से निवृत्त होने के बाद हनुमान जी मूर्ति या चि‍त्र को लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लकड़ी के पाट पर रखें। मूर्ति को स्नान कराएं और यदि चित्र है तो उसे अच्छे से साफ करें।
3. पूजन में हनुमान जी के सामने धूप, दीप अवश्य जलाना चाहिए। जलाए गए दीपक को स्वयं कभी नहीं बुझाना चाहिए।
 
 
4. फिर उनके मस्तक पर हलदी कुंकू, चंदन और चावल लगाएं। फिर उन्हें हार और फूल चढ़ाएं। फिर उनकी आरती उतारें। पूजन में अनामिका अंगुली (छोटी उंगली के पास वाली यानी रिंग फिंगर) से गंध (चंदन, कुमकुम, अबीर, गुलाल, चमेली का इत्र आदि) लगाना चाहिए।
 
5. पूजा करने के बाद प्रसाद या नैवेद्य (भोग) चढ़ाएं। ध्यान रखें कि नमक, मिर्च और तेल का प्रयोग नैवेद्य में नहीं किया जाता है। गुड़ और चने का प्रसाद अवश्‍य रखें।
 
 
6. अंत में उनकी आरती करके नैवेद्य चढ़ाकर पूजा का समापन किया जाता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन 6 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के नए रास्ते

चैत्र नवरात्रि 2026: घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें कलश स्थापना का सही समय

हिंदू नववर्ष 2083 के कौन है वर्ष का राजा और मंत्री, किन राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव

विक्रम संवत सबसे प्राचीन होने के बाद भी भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर क्यों नहीं बना? जानिए 3 बड़े कारण

सभी देखें

धर्म संसार

Weekly Horoscope 2026: साप्ताहिक राशिफल 16 से 22 मार्च, जानें करियर, परिवार, स्वास्थ्य और रोमांस के बारे में

Eid ul-Fitr: 2026 में कब है ईदुल फितर, जानें क्यों और कैसे मनाई जाती है?

नव संवत्सर 2083 का कौन राजा, मंत्री और अन्य मंत्री, क्या होगा देश दुनिया में प्रभाव?

राम नवमी 26 और 27 मार्च 2026 की पूजा के शुभ मुहूर्त

Numerology Horoscope 16 to 22 March 2026: मूलांक के अनुसार साप्ताहिक भविष्यफल: क्या कहते हैं आपके अंक इस सप्ताह?

अगला लेख