अभिषेक कुमार अंबर मईया अब तुम ही समझाओ मन में प्रश्न अखरता है रात होते ही चंदा क्यों मेरा पीछा करता है। मैं जो चलूं तो चलने लगता रुक जाऊं तो रुक जाता है मैं जो हंसू तो हंसने लगता शरमाऊं तो शरमाता है। मईया बोली सुन रे...