rashifal-2026

दीपावली विशेष कविता : तम का शासन होवे नत

Webdunia
- दुलीचंद जैन 'साहित्यरत्न' 


 
मुकुलित विकसित पुष्पों-सा
प्रमुदित सबका जीवन हो
बालारूण1 सी आभा से
पूरित सबके मानस हो।
 
सबकी वाणी में गूंजें
निशि दिन चेतनता के स्वर
चिंताओं से धूमाकुल2 
होवे ना कोई अंतर।
 
उत्साह, शौर्य, कर्मठता के
भाव हृदय में आए
तप और त्याग की सौरभ
से उर कलिका3 भर जाए। 
 
आशा के दीपक से हो
आलोकित जीवन का पथ
जग में फैलाए प्रकाश
तम4 का शासन होवे नत।
 
1. बालारूण- सुबह का सूरज, 2. धूमाकुल- धुएं से परेशान, 3. उर कलिकाएं- मन की कली, 4. तम- अंधेरा।

साभार- देवपुत्र
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

इन 10 तरह के लोगों से कभी उम्मीद न रखें, वरना जीवन में मिलेगा सिर्फ दुख

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सभी देखें

नवीनतम

भारतीयता के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार है परिवार

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

Low Blood Sugar: हाइपोग्लाइसीमिया, बॉडी में शुगर कम होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं?

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सर्दियों में इन 5 बीमारियों में बहुत फायदेमंद है संतरे का जूस, जानिए क्या है सेवन का सही तरीका

अगला लेख