Biodata Maker

बाल कविता : इंसानों का काम...

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
बल्ब फ्यूज था, हुआ अंधेरा,
हथिनी थी घबराई।







 





चढ़ी पोल पर बल्ब बदलने,
नहीं बदल पर पाई।
 
बल्ब होल्डर छोटा-सा था,
सूंड मुटल्ली भारी।
काम नहीं पूरा हो पाया,
उतर आई बेचारी।
 
बल्ब लगाना बल्ब फोड़ना,
इंसानों का काम।
हथिनी कैसे कर सकती थी,
इसको अपने नाम।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

अमीर लोगों की 8 आदतें जो बदल देंगी आपका जीवन | Money Mindset

ऐसा रखें घर का वास्तु, जानें 5 टिप्स, मिलेंगे बेहतरीन लाभ

लोकमाता अहिल्या: तीन युगों की महानता का संगम

परीक्षा, तनाव और विद्यार्थी : दबाव के बीच संतुलन की राह

क्या डायबिटीज रोगी कीवी खा सकते हैं?, जानें 4 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

सड़क के यम से मिला दिव्य ज्ञान

विश्व कैंसर दिवस 2026: थीम, स्लोगन और विचार

लघुकथा: वो पांच मिनट

World Cancer Day: विश्व कैंसर दिवस: डर नहीं, जागरूकता जरूरी

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

अगला लेख