Hanuman Chalisa

बच्चों की रोचक कविता : जादुई गलीचा

कृष्ण वल्लभ पौराणिक
जादुई एक गलीचा उतरा
आसमान से छत पर
प्रसून पहुंचा निकट उसी के
जो खेल रहा था छत पर ...1

लिखा हुआ था उसके ऊपर
आओ! बैठो! और कहो तुम
'उड़ जा! उड़ जा! उड़ जा!'
सैर कराऊं अंतरिक्ष की
लौटूं सुन 'घर ले जा' ...2
 
प्रसन्न प्रसून चढ़ा गलीचा
बिंदु को संग लेकर
खेली थी वह साथ उसी के
सुबह-सुबह घंटेभर ...3
 
प्रसून बोला उस पर चढ़ते
'उड़ जा! उड़ जा! उड़ जा!'
उड़ा गलीचा आसमान में
यह जा, वह जा, वह जा ...4
 
चिपके थे दोनों ही उससे
जादू के ही कारण
हवा जोर से टकराई थी
उड़ने के ही कारण ...5
 
छोटे-छोटे खेत दिखे थे
पतली सी थीं नदियां
पर्वतराज हिमालय दिखता
बर्फ सजी इक डलिया ...6
 
तिब्बत का पठार जब देखा
ठंडी हवा चली थी
प्रसून बिंदु निकट हो गए
कुछ गर्मी पहुंची थी ...7 
 
भूख लगी जब उन दोनों को
कहा पेट ने रुक जा
प्रसून बोला तभी जोर से
घर ले जा घर ले जा ...8
 
लगा उतरने वहीं गलीचा
नीचे तब धरती पर
ले आया कुछ ही मिनटों में
उनको छत तपती पर ...9
 
कही कहानी जब प्रसून ने
साथी खुश थे सुनकर
अवसर उनको भी मिलता तो
जाते उस पर चढ़कर ...10
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या थम जाएगा ईरान युद्ध या यह केवल तूफान से पहले की शांति है?

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

LPG गैस के बिना शाकाहारी व्यंजन: 10 स्वादिष्ट और सेहतमंद चाट रेसिपी

सभी देखें

नवीनतम

नक्सल मुक्त भारत की सफलता के बाद अब नई चुनौती

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर अपने प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं और स्टेटस, देखते ही खुश हो जाएगा मन

पुण्यतिथि विशेष: गुरु हरि किशन कौन थे, जानें 'बाल गुरु' का सिख धर्म में योगदान

April Fools Day 2026: आज के दिन झूठ बोलना पाप नहीं, कला है (अप्रैल फूल डे)

ईरान पर भारत का रुख सही

अगला लेख