बाल कविता : बच्चे फिर स्कूल चले

Webdunia
- डॉ. हरीश निगम
 

 
सैर-सपाटे भूल चले, 
बच्चे फिर स्कूल चले।
 
छुट्टी वाले
दिन खर्चे
शुरू पढ़ाई
के चर्चे
 
आलस पर दे धूल चले,
बच्चे फिर स्कूल चले।
 
कक्षा नई
नए बस्ते
नन्हे-मुन्ने
गुलदस्ते
हंसते-गाते फूल चले, 
बच्चे फिर स्कूल चले।
 
रंगों का
रेला बच्चे
खुशियों का
मेला बच्चे
तन-मन झूला झूल चले,
बच्चे फिर स्कूल चले।
 
साभार- devputra 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

रसोई की इन 7 चीजों में छुपा है आपका स्किन ब्राइटनिंग सीक्रेट, तुरंत जानें इनके बेहतरीन फायदे

Health Alert : कहीं सेहत के लिए हानिकारक तो नहीं है सहजन की फली?

सॉफ्ट आटा गूंथने के 4 सही तरीके, रोटियां बनेंगी फूली हुई और मुलायम

आपके घर के किचन में छुपा है आयल फ्री त्वचा का राज, जानिए ये होममेड क्लींजर बनाने का तरीका

ऑफिस में बनाना चाहते हैं बढ़िया इमेज तो भूलकर भी ना करें ये गलतियां

सभी देखें

नवीनतम

पिछली बार की तुलना में इस बार और तेजी से फैल रहा है डेंगू: जानें लक्षण, बचाव और घरेलू उपाय

आपके किचन के इन मसलों में छुपा है हेल्थ का खज़ाना, जानिए सेवन का सही तरीका

Black Friday 2024 : क्या है ब्लैक फ्राइड और शॉपिंग साइट्स पर मिल रहे डिस्काउंट का एक-दूसरे से कनेक्शन?

सर्दियां आते ही बढ़ने लगा पीठ का दर्द तो ये 5 उपाय दिलाएंगे तुरंत राहत

ठंड में गुड़ के साथ मिला कर खाएं ये एक चीज, सेहत को मिलेंगे जबरदस्त फायदे

अगला लेख