चिड़िया रानी, चिड़िया रानी, फुरर-फुरर कर कहां चली। दादी अम्मा जहां सुखातीं, छत पर बैठीं मूंगफली। चिड़िया रानी चिड़िया रानी, मूंग फली कैसी होती। मूंग फली होती है जैसे, लाल रंग का हो मोती। चिड़िया रानी चिड़िया रानी, मोती मुझे खिलाओ न। बगुला भगत बने क्यों रहते, बनकर...