Biodata Maker

रिमझिम बारिश पर कविता : बादल

Webdunia
- ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश' 


 

 
पानी लेकर बादल आए,
आसमान पर जमकर छाए।
 
रिमझिम-रिमझिम बरसेंगे, 
गढ़-गढ़कर बादल गाए।
 
पेड़, पौधे, वृक्ष जहां मिलेंगे 
वहां बरसे, बादल इतराए।
 
मन मयूर सबका नाचे
बादल भी नाचे, शरमाए।
 
जल ही तो जीवन है 
जीवन अपना खूब लुटाए।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

अंधेरे में जलती एक अटूट लौ: माता गांधारी देवी का जीवन दर्शन

सुर्ख़ फूल पलाश के...

गांधी महज सिद्धांत नहीं, सरल व्यवहार है

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

क्या डायबिटीज रोगी कीवी खा सकते हैं?, जानें 4 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

Hair loss: बालों का झड़ना: कारण, डाइट चार्ट और असरदार घरेलू नुस्खे

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, भारत के स्कूलों में अब छात्राओं को देना होगी ये सुविधाएं, जाने गाइडलाइंस

Guru Ravidas Jayanti: गुरु रविदास जी के बारे में 10 अनसुनी बातें

गुरु हर राय जयंती, जानें महान सिख धर्मगुरु के बारे में 5 खास बातें

अगला लेख