Hanuman Chalisa

पेड़ की महिमा बताती कविता : अपना फर्ज निभाता पेड़...

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
दादाजी-दादाजी बोलो, 
पेड़ लगा जो आंगन में। 
इतना बड़ा हुआ दादाजी, 
बोलो तो कितने दिन में। 


 
 
मुझको यह सच-सच बतलाओ, 
किसने इसे लगाया था। 
हरे आम का खट्टा-खट्टा, 
फल इसमें कब आया था। 
 
मात्र बरस दस पहले मैंने,
बेटा इसे लगाया था। 
हुआ बरस छह का था जब ये, 
तब पहला फल आया था।
 
बीज लगाया था जिस दिन से, 
खाद दिया, जल रोज दिया। 
पनपा खुली हवा में पौधा, 
मिली धूप तो रूप खिला। 
 
तना गया बढ़ता दिन-पर-दिन, 
डाली पर फुनगे फूटे। 
हवा चली जब सर... सर... सर..., 
अट्टहास पत्तियों के गूंजे। 
 
पहला फूल खिला डाली पर, 
विटप बहुत मुस्काया था। 
जब बदली मुस्कान हंसी में, 
तब पहला फल आया था। 
 
तब से अब तक हम सबने ही, 
ढेर-ढेर फल खाए हैं। 
जबसे ही यह खड़ा बेचारा, 
अविरल शीश झुकाए है। 
 
इसे नहीं अभिमान जरा भी, 
कुछ भी नहीं मंगाता है, 
बस देते रहने का हरदम, 
अपना फर्ज निभाता है। 
 
 
 
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या थम जाएगा ईरान युद्ध या यह केवल तूफान से पहले की शांति है?

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

LPG गैस के बिना शाकाहारी व्यंजन: 10 स्वादिष्ट और सेहतमंद चाट रेसिपी

सभी देखें

नवीनतम

नक्सल मुक्त भारत की सफलता के बाद अब नई चुनौती

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर अपने प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं और स्टेटस, देखते ही खुश हो जाएगा मन

पुण्यतिथि विशेष: गुरु हरि किशन कौन थे, जानें 'बाल गुरु' का सिख धर्म में योगदान

April Fools Day 2026: आज के दिन झूठ बोलना पाप नहीं, कला है (अप्रैल फूल डे)

ईरान पर भारत का रुख सही

अगला लेख